सिद्धार्थनगर
सिद्धार्थनगर जिले के तेतरी-सोहांस-लोटन मार्ग पर निर्माणाधीन पुल के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने कार्य की धीमी प्रगति पर गहरा असंतोष और नाराजगी व्यक्त की है।पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

सिद्धार्थनगर जिले के तेतरी-सोहांस-लोटन मार्ग पर निर्माणाधीन पुल के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने कार्य की धीमी प्रगति पर गहरा असंतोष और नाराजगी व्यक्त की है। रविवार को हुए औचक निरीक्षण में निर्माण स्थल पर केवल चार मजदूर काम करते पाए गए, जिसे जिलाधिकारी ने गंभीर लापरवाही माना। इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए डीएम ने लोक निर्माण विभाग (प्रांतीय खंड) के सहायक अभियंता राजकुमार मौर्य और अवर अभियंता लालचंद पटेल, मनोज पासवान तथा सोहनलाल के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की संस्तुति की है।
अनुबंध के 3 माह बाद भी सिर्फ 10% काम
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने विभागीय अधिकारियों, तकनीकी कर्मचारियों और कार्यदायी संस्था के प्रतिनिधियों से कार्य की प्रगति, गुणवत्ता और समय-सीमा की विस्तृत समीक्षा की। अधिकारियों ने बताया कि इस पुल निर्माण का अनुबंध हुआ था, जिसे आगामी 18 फरवरी 2026 तक हर हाल में पूरा किया जाना है। हालांकि, अनुबंध अवधि के तीन माह से अधिक का समय बीत जाने के बाद भी धरातल पर अब तक केवल 10 प्रतिशत कार्य ही पूरा हो सका है। इस बेहद धीमी और लचर प्रगति पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को आड़े हाथों लेते हुए स्पष्टीकरण मांगा है।
अतिरिक्त संसाधन झोंकने के निर्देश, गुणवत्ता से समझौता नहीं
जिलाधिकारी ने दोटूक शब्दों में कहा कि शासन की प्राथमिकता वाली विकास परियोजनाओं में किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कार्यदायी संस्था को सख्त निर्देश दिए कि वह निर्माण कार्य में तेजी लाने के लिए तत्काल अतिरिक्त संसाधन, आधुनिक मशीनरी और पर्याप्त श्रमिकों की व्यवस्था करे, ताकि पुल का निर्माण तय समय-सीमा के भीतर संपन्न हो सके। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कार्य की गति में जल्द सुधार नहीं दिखा, तो जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदार एजेंसी के खिलाफ और भी कठोर कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
इसके साथ ही, डीएम ने निर्माण सामग्री की गुणवत्ता को भी परखा। उन्होंने निर्देश दिए कि निर्माण में प्रयुक्त होने वाली सामग्री निर्धारित मानकों के अनुरूप ही होनी चाहिए और गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होगा। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में पारदर्शिता और उच्च गुणवत्ता सुनिश्चित करना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
सुरक्षा मानकों को पूरा करने की हिदायत
जिलाधिकारी ने निर्माण स्थल पर सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए श्रमिकों की सुरक्षा के लिए आवश्यक उपकरण उपलब्ध कराने, रात व दिन के लिए चेतावनी संकेतक (साइन बोर्ड) लगाने तथा कार्यस्थल पर सभी सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को नियमित रूप से खुद मौके पर जाकर प्रगति की मॉनिटरिंग करने को कहा।
बता दें कि तेतरी-सोहांस-लोटन मार्ग पर बनने वाला यह पुल क्षेत्र के लिए लाइफलाइन माना जा रहा है। इसके बनने से स्थानीय लोगों का आवागमन सुगम होगा और ग्रामीण क्षेत्रों की कनेक्टिविटी सीधे तौर पर बेहतर होगी। जिलाधिकारी की इस त्वरित व सख्त कार्रवाई से विकास कार्यों में ढिलाई बरतने वाले महकमों में खलबली मची हुई है।
3 घंटे में खोई बच्ची माँ से मिली, पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहनाhttps://t.co/6cl1qM1fxG
— Voice of News 24 (@VOfnews24) June 1, 2026






















