मुरादाबाद
मुरादाबाद जनपद के केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की 12वीं परीक्षा के मूल्यांकन में कथित धांधली और विसंगतियों को लेकर मुरादाबाद में छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा।पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

मुरादाबाद जनपद के केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की 12वीं परीक्षा के मूल्यांकन में कथित धांधली और विसंगतियों को लेकर मुरादाबाद में छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा। ‘विद्यार्थी सेना’ के बैनर तले संगठन के पदाधिकारियों और छात्रों ने कड़ा विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने प्रशासनिक अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर उत्तर पुस्तिकाओं की ऑनलाइन स्क्रीन मार्किंग व्यवस्था की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग उठाई।
तकनीकी खामियों से रिजल्ट प्रभावित होने का आरोप
विद्यार्थी सेना का आरोप है कि सीबीएसई द्वारा लागू की गई नई ऑनलाइन स्क्रीनिंग प्रणाली में कई गंभीर तकनीकी खामियां हैं, जिसके कारण इस वर्ष हजारों होनहार छात्रों के परीक्षा परिणाम बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। संगठन ने दावा किया कि कॉपियों के डिजिटलाइजेशन और ऑनलाइन चेकिंग की जल्दबाजी में छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया गया है।
धुंधली कॉपियां और गलत मार्किंग से बढ़ा असंतोष
सौंपे गए ज्ञापन में मुख्य रूप से शिकायत की गई है कि
कॉपियों की स्कैनिंग के दौरान कई पन्ने बेहद धुंधले (Blur) हो गए, जिन्हें बिना ठीक से पढ़े ही जांच दिया गया।
सॉफ्टवेयर और ह्यूमन एरर के कारण अनेक छात्रों को बेहद कम या गलत अंक दिए जाने के मामले सामने आए हैं।
इस कथित लापरवाही के चलते छात्रों और उनके अभिभावकों में भारी असंतोष और मानसिक तनाव का माहौल है। संगठन का कहना है कि इन गड़बड़ियों ने बोर्ड परीक्षा जैसी प्रतिष्ठित प्रणाली की निष्पक्षता और पारदर्शिता पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
पारंपरिक मूल्यांकन लागू करने और दोबारा जांच की मांग
विद्यार्थी सेना ने सरकार और बोर्ड प्रशासन से मांग की है कि जब तक इस नई ऑनलाइन तकनीक को पूरी तरह फुलप्रूफ नहीं बना लिया जाता और इसकी कमियां दूर नहीं हो जातीं, तब तक उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन पुरानी पारंपरिक पद्धति (पेन-पेपर) से ही कराया जाए। इसके अलावा, इस वर्ष प्रभावित हुए सभी पीड़ित छात्रों की उत्तर पुस्तिकाओं की किसी निष्पक्ष एजेंसी या कमेटी से दोबारा (Re-evaluation) जांच कराई जाए।
संगठन ने कड़े शब्दों में चेतावनी दी है कि डिजिटल मूल्यांकन के नाम पर हुए इस खेल के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित वेंडर कंपनी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। यदि बोर्ड ने छात्रों की इन जायज मांगों पर जल्द ही सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो विद्यार्थी सेना सड़कों पर उतरकर एक व्यापक और उग्र आंदोलन शुरू करने को बाध्य होगी।
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— Voice of News 24 (@VOfnews24) May 30, 2026






















