बलरामपुर: जल जीवन मिशन से बदली ग्रामीण समाज की सूरत, प्रभाव परखने पहुंची IIT कानपुर की टीम

बलरामपुर

उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जिले में ‘जल जीवन मिशन’ योजना अब सिर्फ प्यास बुझाने का जरिया नहीं, बल्कि बड़े सामाजिक और स्वास्थ्य बदलाव का माध्यम बन चुकी है।पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।


उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जिले में ‘जल जीवन मिशन’ योजना अब सिर्फ प्यास बुझाने का जरिया नहीं, बल्कि बड़े सामाजिक और स्वास्थ्य बदलाव का माध्यम बन चुकी है। कभी पानी के लिए कोसों दूर भटकने वाले इस सीमावर्ती जिले के ग्रामीण अब घर-बैठे ‘नल से जल’ पा रहे हैं। इस महाभियान के जमीनी असर, तकनीकी बारीकियों और सामाजिक प्रभावों का वैज्ञानिक अध्ययन करने के लिए आईआईटी (IIT) कानपुर की एक उच्च स्तरीय शोध टीम ने जिले के विभिन्न गांवों का तूफानी दौरा किया है।

IIT कानपुर की टीम ने अलग-अलग गांवों में संभाला मोर्चा

आईआईटी कानपुर के मानविकी एवं सामाजिक विज्ञान विभाग (HSS) के विभागाध्यक्ष डॉ. प्रदीप स्वर्णकर के निर्देशन में यह विशेष शोध और मूल्यांकन अभियान चलाया जा रहा है। शोधार्थियों की अलग-अलग टीमों ने बलरामपुर सदर और गैसड़ी विकास खंड (ब्लॉक) की विभिन्न ग्राम पंचायतों में जाकर जमीनी पड़ताल की

बरईपुर गांव: यहां शोधार्थी प्रेम, विवेक और गोविंद की टीम ने पानी की नियमित आपूर्ति, नल के प्रेशर और टाइमिंग की जांच की।

चमरबोझिया गांव: इस गांव में अरविंद, अजय, सुमित और पंकज की टीम ने घरों से पेयजल के सैंपल जुटाए और उनकी शुद्धता का ऑन-स्पॉट वैज्ञानिक परीक्षण किया।

मझौवा गांव: यहाँ शैलेंद्र, प्रियांशु, गोविंद और रवींद्र की टीम ने वाटर सप्लाई सिस्टम के तकनीकी पहलुओं को देखा और ग्रामीणों से सीधे संवाद किया।

बीमारियों पर लगी लगाम, महिलाओं को मिला सम्मान

आईआईटी के शोधार्थियों से बातचीत में ग्रामीण महिलाओं का दर्द और अब की राहत साफ छलक उठी। महिलाओं ने बताया कि पहले पानी ढोने में ही उनका आधा दिन बीत जाता था, जिससे वे बच्चों और खेती-मजदूरी पर ध्यान नहीं दे पाती थीं। अब समय और श्रम दोनों की बचत हो रही है। ग्रामीणों ने यह भी स्वीकारा कि शुद्ध पानी मिलने से गांवों में डायरिया, टाइफाइड और पेट की अन्य जलजनित बीमारियों में भारी कमी आई है, जिससे इलाज पर होने वाला उनका गाढ़ा पैसा अब बच रहा है।

शासन को सौंपी जाएगी विस्तृत रिपोर्ट

IIT कानपुर की टीम गांवों से एकत्र किए गए तकनीकी डेटा, वाटर क्वालिटी टेस्ट रिपोर्ट और सामाजिक फीडबैक के आधार पर एक विस्तृत मूल्यांकन रिपोर्ट तैयार कर रही है। यह रिपोर्ट जल्द ही उत्तर प्रदेश शासन और केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय को सौंपी जाएगी, ताकि भविष्य में इस योजना को और अधिक सुदृढ़ और प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक नीतिगत सुझाव दिए जा सकें। अध्ययन से साफ है कि बलरामपुर में यह मिशन महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण जीवन स्तर को सुधारने की नई इबारत लिख रहा है।

 

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