लखनऊ: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और सीएम योगी ने किया ‘नौसेना शौर्य वाटिका’ का लोकार्पण; इकाना स्टेडियम के पास 19 करोड़ की लागत से बना ओपन म्यूजियम

लखनऊ

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ को देश की सैन्य ताकत और गौरवशाली इतिहास से रूबरू कराने के लिए एक नया विंग मिल गया है। पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।


उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ को देश की सैन्य ताकत और गौरवशाली इतिहास से रूबरू कराने के लिए एक नया विंग मिल गया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और नौसेना अध्यक्ष एडमिरल केएस त्रिपाठी ने संयुक्त रूप से लखनऊ में ‘नौसेना शौर्य वाटिका’ ओपन म्यूजियम का भव्य लोकार्पण किया। गोमती नदी के तट पर बनी यह वाटिका देश के वीर नौसैनिकों के शौर्य और तकनीकी क्षमता का जीवंत प्रतीक बनेगी।

19 करोड़ की लागत और 2 एकड़ में फैला म्यूजियम

यह अत्याधुनिक नौसेना शौर्य वाटिका शहीद पथ पर स्थित इकाना क्रिकेट स्टेडियम के गेट नंबर-5 के पास बनाई गई है। लगभग 2 एकड़ से अधिक के विस्तृत क्षेत्र में फैले इस ओपन एयर म्यूजियम को तैयार करने में करीब 19 करोड़ रुपये की लागत आई है। इसका मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों, विशेषकर युवाओं को भारतीय नौसेना के इतिहास, जहाजों की कार्यप्रणाली और समुद्री सुरक्षा की चुनौतियों से रूबरू कराना है।

मुख्य आकर्षण: ओरिजिनल रूप में रखा गया युद्धपोत INS गोमती

इस वाटिका का सबसे बड़ा और मुख्य आकर्षण भारतीय नौसेना का ऐतिहासिक और सेवानिवृत्त (Retired) युद्धपोत INS गोमती है। इस युद्धपोत को इसके बिल्कुल मूल (ओरिजिनल) रूप में यहां स्थापित किया गया है। गौरतलब है कि INS गोमती ने भारतीय समुद्री सीमा की सुरक्षा में करीब 35 वर्षों तक शानदार सेवाएं दी थीं, जिसके बाद 28 मई 2022 को इसे नौसेना से ससम्मान कार्यमुक्त किया गया था। अब इसके विभिन्न हिस्सों को यहां बेहद करीने से संरक्षित किया गया है।

सैन्य हथियारों और जहाजों के पार्ट्स का प्रदर्शन

INS गोमती के अलावा, इस दो एकड़ के परिसर में नौसेना द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले कई घातक हथियार और जहाजों के महत्वपूर्ण उपकरण प्रदर्शित किए गए हैं। इनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:

AK-726 मीडियम रेंज गन (दुश्मन के होश उड़ाने वाली तोप)

CET-53M टॉरपीडो डिकॉय सिस्टम (पनडुब्बी रोधी मिसाइल प्रणाली)

जिफ-101 लॉन्चर

कैपस्टन ड्रम और युद्धपोत का एक विशाल प्रोपेलर (जहाज का बड़ा पंखा)

इस वाटिका के शुरू होने से अब लोग और पर्यटक नौसैनिक युद्धपोतों की आंतरिक संरचना, उनकी मारक क्षमता और तकनीकी कौशल को बेहद करीब से देख और समझ सकेंगे। लोकार्पण के दौरान नौसेना और जिला प्रशासन के कई आला अधिकारी भी मौजूद रहे।

 

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