देवरिया: आकाशीय बिजली का कहर; खेत जा रहे किसान की मौत, झोपड़ी में सो रहा युवक झुलसा, दो घर जलकर राख

देवरिया

उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में मौसम के बदले मिजाज और तेज बारिश के बीच आकाशीय बिजली (गाज) गिरने से दो अलग-अलग स्थानों पर बड़ा हादसा हो गया। इन घटनाओं में एक किसान की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि एक युवक गंभीर रूप से झुलस गया।पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।


उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में मौसम के बदले मिजाज और तेज बारिश के बीच आकाशीय बिजली (गाज) गिरने से दो अलग-अलग स्थानों पर बड़ा हादसा हो गया। इन घटनाओं में एक किसान की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि एक युवक गंभीर रूप से झुलस गया। वहीं, बिजली गिरने से लगी आग के कारण दो रिहायशी झोपड़ियां जलकर पूरी तरह राख हो गईं।

खेत जाते समय आकाशीय बिजली की चपेट में आया किसान

पहली घटना खुखुंदू थाना क्षेत्र के नरायणपुर गांव की है। यहां के निवासी धर्मेंद्र कुमार (40 वर्ष) पुत्र राजदेव शनिवार को किसी काम से खेत की ओर जा रहे थे। इसी दौरान अचानक तेज गर्जना के साथ उन पर आकाशीय बिजली गिर गई। आनन-फानन में उन्हें नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

धर्मेंद्र अपने परिवार के इकलौते कमाऊ सदस्य थे। उनकी असामयिक मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। वह अपने पीछे पत्नी बिंदू देवी और तीन मासूम बच्चों आयुष (12 वर्ष), अनन्या (8 वर्ष) तथा अश्वनी (3 वर्ष) को रोता-बिलखता छोड़ गए हैं।

झोपड़ी में सो रहा युवक झुलसा, नकदी और राशन स्वाहा

दूसरा हादसा भटनी थाना क्षेत्र के सिंगहीडीह गांव में हुआ। यहां रहने वाले दीपक कुमार पुत्र मुसाफिर अपनी झोपड़ी के भीतर सो रहे थे, तभी अचानक आकाशीय बिजली सीधे उनकी झोपड़ी पर आ गिरी। बिजली के जोरदार झटके से दीपक गंभीर रूप से झुलसकर मौके पर ही अचेत हो गए, साथ ही झोपड़ी में भीषण आग लग गई।

आसपास के ग्रामीणों ने भारी मुस्तैदी दिखाते हुए दीपक को सुरक्षित बाहर निकाला और इलाज के लिए एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उनका उपचार चल रहा है। हालांकि, इस अग्निकांड में दीपक की दो झोपड़ियां पूरी तरह जल गईं, जिससे घर में रखा राशन, भूसा, कपड़े और करीब 5 हजार रुपये नकद जलकर नष्ट हो गए। ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाकर पड़ोस के अन्य घरों को जलने से बचाया।

प्रशासन ने दी चेतावनी, सहायता का भरोसा

लगातार खराब हो रहे मौसम और आकाशीय बिजली की इन घटनाओं से ग्रामीण इलाकों में दहशत का माहौल है। स्थानीय प्रशासन ने पीड़ित परिवारों को ढांढस बंधाते हुए नियमानुसार सरकारी सहायता (दैवीय आपदा कोष से मुआवजा) दिलाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। साथ ही, जिला प्रशासन ने एडवाइजरी जारी कर ग्रामीणों से अपील की है कि खराब मौसम, तेज कड़क और बारिश के दौरान खेतों या खुले स्थानों पर जाने से बचें और सुरक्षित पक्के मकानों में शरण लें।

 

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