हमीरपुर पुल हादसा: निर्माण कंपनी के मालिक सहित 3 पर FIR, मुख्यमंत्री की सख्ती के बाद सहायक अभियंता निलंबित

हमीरपुर

हमीरपुर जनपद में बेतवा नदी पर निर्माणाधीन पुल का स्लैब गिरने से छह श्रमिकों की मौत के मामले में शासन और प्रशासन ने बेहद कड़ा रुख अपनाया है।पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

हमीरपुर जनपद में बेतवा नदी पर निर्माणाधीन पुल का स्लैब गिरने से छह श्रमिकों की मौत के मामले में शासन और प्रशासन ने बेहद कड़ा रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सख्ती के बाद जहां एक तरफ पुलिस ने निर्माण कंपनी के मालिक और सुपरवाइजर के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज की है, वहीं दूसरी तरफ राज्य सेतु निगम के जिम्मेदार अधिकारियों पर भी गाज गिरी है।

कुरारा थाने में मुकदमा दर्ज, ये बने नामजद आरोपी

शुरुआती तौर पर हादसे की वजह खराब मौसम को बताया जा रहा था, लेकिन जैसे-जैसे घटनाक्रम आगे बढ़ा, निर्माण कार्य में गंभीर तकनीकी लापरवाही और सुरक्षा मानकों की अनदेखी के आरोप सामने आने लगे। इसके बाद राज्य सेतु निगम के उप परियोजना अधिकारी दिलीप कुमार की तहरीर पर कुरारा थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया।

पुलिस क्षेत्राधिकारी राजेश कमल के अनुसार, दर्ज प्राथमिकी में को नामजद किया गया है:

निर्माण कंपनी: मेसर्स द शेल्टर (पुल का निर्माण करा रही एजेंसी)

कंपनी मालिक: विजय प्रताप सिंह (निवासी- कानपुर)

साइट सुपरवाइजर: नितीश सचान

सेंसेटिव काम के दौरान सुरक्षा मानकों की धज्जियां उड़ाने का आरोप

हादसे के समय पुल पर बेयरिंग लगाने, केबलिंग और स्लैब का कसाव (फिक्सिंग) करने से जुड़ा बेहद संवेदनशील कार्य चल रहा था। इंजीनियरिंग के मानकों के अनुसार यह प्रक्रिया अत्यंत जोखिमपूर्ण मानी जाती है, जिसमें उच्चतम स्तर की सुरक्षा अनिवार्य होती है। आरोप है कि मौके पर कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों का पूरी तरह उल्लंघन किया गया, जिसके कारण इतना बड़ा हादसा हुआ।

सीएम की सख्ती: अधिकारी निलंबित, विभागीय जांच शुरू

इस दर्दनाक हादसे का संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके तुरंत बाद शासन स्तर पर बड़ी कार्रवाई की गई

राज्य सेतु निगम ने सहायक अभियंता गजेंद्र कुमार चौधरी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इससे पहले इन्होंने तेज आंधी को हादसे की मुख्य वजह बताया था। उप परियोजना प्रबंधक दिलीप कुमार के खिलाफ भी विभागीय जांच के आदेश जारी कर दिए गए हैं।शासन स्तर पर गठित एक विशेष जांच समिति तकनीकी, प्रशासनिक और सुरक्षा संबंधी सभी पहलुओं की गहनता से पड़ताल कर रही है।

मजदूरों की जुबानी: “पहली बार मौत को इतने नजदीक से देखा

इस भीषण हादसे में बाल-बाल बचे भाग्यशाली श्रमिकों ने उस भयावह रात का मंजर बयां करते हुए बताया कि अचानक एक जोरदार धमाके के साथ पूरा स्लैब भरभराकर नीचे आ गिरा। चारों तरफ धूल का गुबार और चीख-पुकार मच गई। आंखों के सामने अपने साथी मजदूरों को मलबे में दबता देख सबकी रूह कांप उठी थी। मजदूरों के अनुसार, उन्होंने जीवन में पहली बार मौत को इतने नजदीक से महसूस किया था।

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