बुलंदशहर: ‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ के तहत हत्या के प्रयास के दो दोषियों को 5-5 साल का सश्रम कारावास, 55 हजार रुपये का जुर्माना

अनूपशहर/बुलंदशहर

उत्तर प्रदेश पुलिस महानिदेशक द्वारा चलाए जा रहे ऑपरेशन कन्विक्शन’ अभियान के अंतर्गत बुलंदशहर पुलिस और मॉनीटरिंग सेल को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है।पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

उत्तर प्रदेश पुलिस महानिदेशक द्वारा चलाए जा रहे ऑपरेशन कन्विक्शन’ अभियान के अंतर्गत बुलंदशहर पुलिस और मॉनीटरिंग सेल को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। न्यायालय ने हत्या के प्रयास धारा 307 के एक मामले में त्वरित और प्रभावी पैरवी के आधार पर दो अभियुक्तों को दोषसिद्ध पाते हुए 5-5 वर्ष के सश्रम कारावास और 55-55 हजार रुपये के अर्थदंड की कठोर सजा सुनाई है।

वर्ष 2020 में पिता को जान से मारने की नीयत से मारी थी गोली

पूरा मामला करीब साढ़े पांच साल पुराना है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, 5 दिसंबर 2020 को थाना अहार क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम जसर (थाना जहांगीराबाद) के निवासी सीटू पुत्र कालीचरन और विकास पुत्र प्रीतम सिंह ने वादी जयप्रकाश (निवासी बुलंदशहर) के पिता को जान से मारने की नीयत से अंधाधुंध गोली मारकर गंभीर रूप से घायल कर दिया था। इस जानलेवा हमले के संबंध में थाना अहार पर मु0अ0सं-172/20 धारा 307/34 भादवि के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया था।

अवैध असलहा बरामदगी और आरोप पत्र दाखिल

मामले की विवेचना के दौरान पुलिस ने दोनों नामजद अभियुक्तों को घेराबंदी कर अवैध असलहा और जिंदा कारतूसों के साथ रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। इस बरामदगी के आधार पर उनके खिलाफ थाना अहार में ही मु0अ0सं-173/20 और मु0अ0सं-174/20 धारा 25 शस्त्र अधिनियम के तहत अलग से मुकदमे दर्ज किए गए थे। विवेचक ने मामले की गहनता से जांच करते हुए 4 फरवरी 2021 को ही न्यायालय में मजबूत आरोप पत्र प्रेषित कर दी थी।

ऑपरेशन कन्विक्शन’ के तहत सशक्त पैरवी लाई रंग

अपराधियों को जल्द से जल्द सजा दिलाने के लिए बुलंदशहर की मॉनीटरिंग सेल ने इस संवेदनशील मामले को ऑपरेशन कन्विक्शन’ के तहत चिन्हित किया था। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में स्थानीय अदालत में गवाहों की समय पर पेशी और वैज्ञानिक साक्ष्यों को मजबूती से कोर्ट के सामने रखा गया।

न्यायालय का फैसला

शुक्रवार, 29 मई 2026 को न्यायाधीश राजेश सिंह न्यायालय एडीजे, अनूपशहर ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों को देखने के बाद अभियुक्त सीटू और विकास को दोषी करार दिया। अदालत ने दोनों दोषियों को 5-5 वर्ष का सश्रम कारावास और 55-55 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड न देने पर दोषियों को अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।

इस मुकदमे में अपराधियों को उनके अंजाम तक पहुंचाने में अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष पैरवी करने वाले अभियोजक प्रवेन्द्र सिंह लोधी, मॉनीटरिंग सेल के प्रभारी निरीक्षक महेन्द्र कुमार त्रिपाठी, पैरोकार कांस्टेबल सौरभ और कोर्ट महरिर महिला कांस्टेबल प्रवीणा का योगदान बेहद सराहनीय रहा। बुलंदशहर पुलिस प्रशासन का कहना है कि गंभीर अपराधों में इतनी प्रभावी पैरवी कर अपराधियों को सजा दिलवाना अपराधियों में खौफ पैदा करने और पीड़ित को न्याय दिलाने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि है।

 

Voice Of News 24

 

 

 

This error message is only visible to WordPress admins

Error: No feed found with the ID 1.

Go to the All Feeds page and select an ID from an existing feed.