महराजगंज: जिलाधिकारी के प्रयास लाए रंग, नहरों में छूटा पानी; किसानों को धान की सिंचाई में मिलेगी बड़ी राहत

महराजगंज

महराजगंज 28 मई जनपद में खरीफ सीजन के दौरान किसानों को समय से और पर्याप्त सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बड़ी कामयाबी मिली है। पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।


महराजगंज 28 मई जनपद में खरीफ सीजन के दौरान किसानों को समय से और पर्याप्त सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बड़ी कामयाबी मिली है। जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल के विशेष व व्यक्तिगत प्रयासों के फलस्वरूप जनपद की नहरों में पर्याप्त मात्रा में जल उपलब्ध हो गया है, जिसके बाद आगामी फसलों की सिंचाई के लिए दिनांक 25 मई 2026 से नहरों का संचालन विधिवत प्रारंभ कर दिया गया है। प्रशासन के इस कदम से जनपद के किसानों को आगामी धान एवं अन्य खरीफ फसलों की बुवाई व सिंचाई में बहुत बड़ी राहत मिलेगी।

मधुबनी शाखा व महराजगंज रजवाहा सहित 50 नहरें चालू

अधिशासी अभियंता सिंचाई खंड प्रथम विनोद कुमार वर्मा ने इस संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि वर्तमान में मुख्य रूप से मधुबनी शाखा और महाराजगंज रजवाहा सहित जिले की लगभग 50 छोटी-बड़ी नहरों में जल प्रवाह सुचारु रूप से संचालित किया जा रहा है। उन्होंने किसान भाईयों को आश्वस्त करते हुए कहा कि शेष बची अन्य नहरों में भी चरणबद्ध (स्टेप बाय स्टेप) तरीके से बेहद शीघ्र जल प्रवाह प्रारंभ कराया जा रहा है, ताकि जनपद के प्रत्येक टेल और अंतिम छोर पर स्थित खेतों तक सिंचाई का पूरा लाभ पहुंच सके।

डीएम का सख्त निर्देश: 3 से 4 दिनों में ‘टेल’ तक पहुंचे पानी
सिंचाई व्यवस्था को लेकर जिलाधिकारी महोदय बेहद गंभीर नजर आ रहे हैं। उन्होंने सिंचाई विभाग के आला अधिकारियों को कड़े लहजे में निर्देशित किया है कि

आगामी 03 से 04 दिनों के भीतर जनपद की समस्त नहरों के अंतिम छोर (टेल) तक पानी पहुंचाना हर हाल में सुनिश्चित किया जाए।

नहर संचालन की नियमित रूप से ग्राउंड मॉनिटरिंग की जाए, ताकि किसी भी स्तर पर या तकनीकी खराबी के कारण जलापूर्ति बाधित न होने पाए।

डीजल पर कम होगी किसानों की निर्भरता

जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल ने कहा कि अन्नदाताओं की सुविधा और उनकी समस्याओं का निस्तारण शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। इसलिए सिंचाई व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखने हेतु अधिकारी पूरी गंभीरता के साथ फील्ड में कार्य करें। अधिकारियों का मानना है कि समय से नहरों में पर्याप्त पानी आने से सिंचाई के लिए डीजल पर किसानों की निर्भरता और भारी-भरकम खर्च काफी कम हो जाएगा।

 

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