यूपी के गन्ना किसानों के लिए ऐतिहासिक पल: रिकॉर्ड ₹3.22 लाख करोड़ का हुआ भुगतान, शुगर रिकवरी में महाराष्ट्र-कर्नाटक को पछाड़ा

लखनऊ

उत्तर प्रदेश में गन्ना किसानों के कल्याण और चीनी उद्योग के विकास को लेकर एक बहुत बड़ी और ऐतिहासिक उपलब्धि सामने आई है।पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

उत्तर प्रदेश में गन्ना किसानों के कल्याण और चीनी उद्योग के विकास को लेकर एक बहुत बड़ी और ऐतिहासिक उपलब्धि सामने आई है। यूपी सरकार द्वारा राज्य के गन्ना किसानों को अब तक का रिकॉर्ड तोड़ 3.22 लाख करोड़ रुपये से अधिक का गन्ना मूल्य भुगतान किया जा चुका है। इस अभूतपूर्व आंकड़े के साथ ही उत्तर प्रदेश पूरे देश में सबसे अधिक और सबसे तेज गन्ना मूल्य भुगतान करने वाला शीर्ष राज्य बन गया है।

उत्पादन और ‘चीनी परता’ में भी यूपी नंबर-1

उत्तर प्रदेश न केवल रिकॉर्ड भुगतान और गन्ना उत्पादन के क्षेत्र में देश में पहले स्थान पर बना हुआ है, बल्कि उसने तकनीकी स्तर पर भी एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। एक और बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए यूपी ने ‘चीनी परता’ गन्ने से चीनी निकलने का प्रतिशत) के मामले में देश के अग्रणी उत्पादक राज्यों महाराष्ट्र और कर्नाटक को भी पीछे छोड़ दिया है। वैज्ञानिकों की देखरेख, बेहतर कृषि तकनीकों और समय पर मिलों के संचालन से राज्य में चीनी की रिकवरी दर में यह ऐतिहासिक सुधार दर्ज किया गया है।

गन्ने के दाम में ₹30 प्रति क्विंटल की शानदार बढ़ोतरी

किसानों की आय बढ़ाने, उन्हें सशक्त करने और गन्ना खेती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सरकार ने पेराई सत्र के लिए गन्ने के दाम में 30 रुपये प्रति क्विंटल की शानदार बढ़ोतरी की है। सरकार के इस कल्याणकारी फैसले से उत्तर प्रदेश के लाखों किसान परिवारों को सीधा आर्थिक लाभ मिल रहा है।

बदलाव की बयार

योगी सरकार की किसान-हितैषी नीतियों, गन्ना माफियाओं पर कड़े शिकंजे और चीनी मिलों के आधुनिकिकरण के कारण आज यूपी का चीनी उद्योग और यहाँ का अन्नदाता दोनों ही राष्ट्रीय स्तर पर सफलता के नए रिकॉर्ड स्थापित कर रहे हैं। इस कदम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी भारी मजबूती मिली है।

 

 

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