बलरामपुर
बेसिक शिक्षा विभाग में ईसीसी एजुकेटर के पदों पर नौकरी लगवाने और नियुक्ति पत्र दिलाने के नाम पर अभ्यर्थियों से अवैध वसूली करने वाले एक बड़े गिरोह का बलरामपुर पुलिस ने पर्दाफाश किया है।पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

बेसिक शिक्षा विभाग में ईसीसी एजुकेटर के पदों पर नौकरी लगवाने और नियुक्ति पत्र दिलाने के नाम पर अभ्यर्थियों से अवैध वसूली करने वाले एक बड़े गिरोह का बलरामपुर पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस अधीक्षक (एसपी) बलरामपुर श्री विकास कुमार के कड़े निर्देश और अपर पुलिस अधीक्षक श्री विशाल पाण्डेय के पर्यवेक्षण में थाना कोतवाली देहात पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
क्या था पूरा मामला?
दिनांक 23 मई को जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी बलरामपुर के कार्यालय में डाक के माध्यम से एक शिकायत पत्र प्राप्त हुआ था। आवेदक कामता प्रसाद निवासी पहलवारा, बलरामपुर ने आरोप लगाया था कि बेसिक शिक्षा विभाग में ईसीसी एजुकेटर के रिक्त पदों पर चयन के लिए 27 अप्रैल को उनका दक्षता परीक्षण हुआ था। इसके बाद से ही उनके पास लगातार फोन आ रहे थे और चयन प्रक्रिया को आगे बढ़ाने व नियुक्ति पत्र देने के नाम पर पैसों की मांग की जा रही थी।
शिकायत की गंभीरता को देखते हुए थाना कोतवाली देहात में मु0अ0सं0-193/2026 के तहत धारा 308(2), 318(4) बीएनएस (BNS) और 6/9/13(3)/14 उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा अनुचित साधनों का निवारण अधिनियम के तहत अज्ञात के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत कर जांच शुरू की गई थी।
घेराबंदी कर दो अभियुक्त गिरफ्तार, लखनऊ से जुड़े हैं तार
प्रभारी निरीक्षक थाना कोतवाली देहात गिरिजेश तिवारी के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने साक्ष्यों और सर्विलांस की मदद से आज दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इनके पास से घटना में प्रयुक्त मोबाइल फोन भी बरामद किया गया है।
गिरफ्तार अभियुक्तों जितेन्द्र यादव पुत्र किरन कुमार यादव (निवासी: ग्राम रजडेरवा, पो0 मनकापुर, थाना पचपेड़वा, जनपद बलरामपुर ,आयुष सिंह पुत्र वीरेन्द्र सिंह (निवासी: मकान नं0-03, हाईकोर्ट कम्पाउण्ड, जगतनारायण रोड, थाना वजीरगंज, लखनऊ। हाल पता: मकान नं0-100ए, निकट लल्ला बिरयानी, चौपटिया रोड, थाना चौक, लखनऊ)
पूछताछ में हुआ चौंकाने वाला खुलासा
पुलिस की कड़ी पूछताछ में दोनों अभियुक्तों ने अपना जुर्म कबूल करते हुए ठगी के तरीके का खुलासा किया। उन्होंने बताया
वे दोनों लखनऊ की एक्स-सर्विसमैन संस्था में कार्यरत हैं।
इस कार्यदायी संस्था को बेसिक शिक्षा विभाग में ईसीसी एजुकेटर के पदों पर आउटसोर्सिंग के जरिए भर्ती करने के लिए के माध्यम से आधिकारिक रूप से अनुबंधित किया गया था।
संस्था ने बलरामपुर जनपद में अभ्यर्थियों के साक्षात्कार और दस्तावेजों के सत्यापन के लिए जितेंद्र यादव और आयुष सिंह को नियुक्त किया था।
सत्यापन की आड़ में खेल आरोपियों ने साक्षात्कार के लिए चयनित सूची से अभ्यर्थियों के नंबर निकाले और उन्हें फोन करके चयन पक्का कराने के नाम पर पैसों की मांग शुरू कर दी। इसी झांसे में आकर अमित गुप्ता और जान्ह्वी नामक अभ्यर्थियों ने आरोपी जितेन्द्र यादव के खाते में ऑनलाइन माध्यम से 20-20 हजार रुपये ट्रांसफर भी कर दिए थे।
पुलिस प्रशासन ने साफ किया है कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले और परीक्षाओं/भर्तियों में शुचिता बिगाड़ने वाले किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा।आवश्यक विधिक कार्रवाई पूरी करने के बाद दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया जा रहा है।
देवरिया में भीषण सड़क हादसा, गौरी बाजार के खरोह चौराहे पर ट्रेलर और पिकअप में भीषण टक्कर,हादसे के बाद पलटा पिकअप वाहन,पिकअप पर लदा टमाटर भी बिखरा@DeoriaPolice pic.twitter.com/aoBEuEQb2S
— Voice of News 24 (@VOfnews24) May 25, 2026






















