बुलंदशहर-अमरोहा संपर्क टूटा: पैंटून पुल हटने से 30 किमी अतिरिक्त सफर को मजबूर श्रद्धालु और किसान, स्थाई पुल की मांग तेज

 बुलंदशहर

बुलंदशहर जनपद के आहार स्थित ऐतिहासिक अवंतिका देवी गंगा घाट पर बने अस्थाई पैंटून (पीपे) के पुल को लोक निर्माण विभाग द्वारा पूरी तरह हटा दिया गया है।पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

बुलंदशहर जनपद के आहार स्थित ऐतिहासिक अवंतिका देवी गंगा घाट पर बने अस्थाई पैंटून (पीपे) के पुल को लोक निर्माण विभाग द्वारा पूरी तरह हटा दिया गया है। इस पुल के हटने के साथ ही बुलंदशहर का संभल और अमरोहा जनपद से सीधा संपर्क टूट गया है। संपर्क मार्ग बंद होने से क्षेत्र के हजारों ग्रामीणों, किसानों और श्रद्धालुओं की मुश्किलें बेहद बढ़ गई हैं। अब लोगों को गंतव्य तक पहुंचने के लिए भारी दिक्कतों और अतिरिक्त समय का सामना करना पड़ रहा है।

30 किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर, नाव बनी मजबूरी

अवंतिका देवी गंगा घाट पर बना यह पैंटून पुल क्षेत्रवासियों और राहगीरों के लिए जीवनरेखा माना जाता था। प्रतिदिन हजारों की संख्या में लोग पैदल, साइकिल, बाइक और हल्के वाहनों से इस पुल के जरिए बेहद कम समय में गंगा पार आते-जाते थे।

किसानों पर दोहरी मार: पुल हटने के बाद अब किसानों को गंगा पार स्थित अपनी फसलों की देखरेख और कृषि कार्य के लिए नाव का जोखिम भरा सहारा लेना पड़ रहा है।

अमरोहा और संभल आने-जाने वाले वाहन चालकों को अब करीब 30 किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी तय करके अनूपशहर या भगवानपुर मार्ग से होकर चक्कर काटकर जाना पड़ रहा है, जिससे समय और पैसे दोनों की बर्बादी हो रही है।

धार्मिक पर्यटन प्रभावित

प्रसिद्ध अवंतिका देवी मंदिर, अंबेकेश्वर महादेव मंदिर और सिद्ध बाबा जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों पर आने वाले श्रद्धालुओं को भी अब नाव के जरिए सफर करना पड़ रहा है।

सुरक्षा के मद्देनजर विभाग ने उठाया कदम

लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के अनुसार, आगामी मानसून और बरसात के मौसम को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। पहाड़ों और मैदानी इलाकों में बारिश के कारण गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ता है। जलस्तर बढ़ने से पैंटून पुल के पीपों के बहने और किसी बड़े हादसे की आशंका बनी रहती है। जनहानि को रोकने और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए नियमानुसार समय रहते इस अस्थाई पुल को हटा लिया गया है।

नेताओं के आश्वासन खोखले, पक्के पुल की मांग ने पकड़ा जोर

क्षेत्रीय जनता में इस सालाना समस्या को लेकर गहरा असंतोष है। ग्रामीणों का कहना है कि हर साल बरसात के मौसम में पैंटून पुल हटाए जाने से उनका संपर्क कट जाता है और पूरा इलाका पिछड़ जाता है।

डिप्टी सीएम का आश्वासन भी रहा बेअसर

स्थानीय लोगों ने बताया कि इस गंभीर समस्या के स्थाई समाधान के लिए पूर्व में उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य को भी एक मांग पत्र सौंपा गया था। उस दौरान सरकार की ओर से गंगा नदी पर पक्के पुल के निर्माण का भरोसा दिया गया था, लेकिन वर्षों बीत जाने के बाद भी धरातल पर निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका।

स्थानीय निवासियों, किसानों और व्यापारियों ने एक सुर में प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन से मांग की है कि इस मार्ग पर शीघ्र ही एक स्थाई पक्के पुल का निर्माण कराया जाए, ताकि बुलंदशहर, संभल और अमरोहा के बीच सुचारू आवागमन हो सके और क्षेत्र के व्यापार, खेती व धार्मिक पर्यटन को नई गति मिल सके।

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