लखीमपुर खीरी
लखीमपुर खीरी जनपद के उत्तर निघासन वन रेंज इलाके में पिछले एक महीने से दहशत का पर्याय बना आदमखोर तेंदुआ आखिरकार शुक्रवार सुबह वन विभाग के पिंजरे में कैद हो गया।पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

लखीमपुर खीरी जनपद के उत्तर निघासन वन रेंज इलाके में पिछले एक महीने से दहशत का पर्याय बना आदमखोर तेंदुआ आखिरकार शुक्रवार सुबह वन विभाग के पिंजरे में कैद हो गया। इस तेंदुए ने एक महीने के भीतर तीन मासूमों को अपना निवाला बनाया था। तेंदुए के पकड़े जाने के बाद से क्षेत्र के ग्रामीणों ने बड़ी राहत की सांस ली है।
वन विभाग ने तेंदुए को पकड़ने के लिए मुर्तिहा ग्राम पंचायत के कटैला फार्म स्थित गुरमीत सिंह के खेत में एक पिंजरा लगाया था, जिसमें शिकार के तौर पर एक बकरी को बांधा गया था। शुक्रवार सुबह शिकार के लालच में जैसे ही तेंदुआ पिंजरे में दाखिल हुआ, वह कैद हो गया। सूचना मिलते ही वन विभाग और एसटीपीएफ (STPF) की टीम मौके पर पहुंच गई।
इस आदमखोर तेंदुए के आतंक की शुरुआत 25 मार्च को हुई थी, जब इसने सिंगाही क्षेत्र के फुटहा फार्म में 7 वर्षीय बच्ची सिमरन को अपना पहला निशाना बनाया था। इसके बाद 18 अप्रैल को निबौरिया गांव के 4 वर्षीय मासूम दिलशाद और फिर 25 अप्रैल की रात बरामदे में सो रही संध्या देवी पर हमला कर तेंदुए ने उन्हें मौत के घाट उतार दिया था। वन रेंजर भूपेंद्र सिंह ने बताया कि तेंदुए को सुरक्षित पकड़ लिया गया है और उच्च अधिकारियों के निर्देशानुसार इसे वापस घने जंगल में छोड़ा जाएगा।
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— Voice of News 24 (@VOfnews24) May 22, 2026






















