बागपत

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ सोमवार को जनपद बागपत के बड़ौत तहसील स्थित ग्राम मोजीजाबाद नांगल पहुँचे। पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ सोमवार को जनपद बागपत के बड़ौत तहसील स्थित ग्राम मोजीजाबाद नांगल पहुँचे। यहाँ खोखरा स्थित श्री शिव गोरखनाथ आश्रम में उन्होंने नवनाथों की मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा एवं आठमान भंडारा कार्यक्रम में सहभागिता की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने सनातन संस्कृति की मजबूती और देश के सामर्थ्य पर ओजस्वी संबोधन दिया।

नवनाथों की मूर्तियों का अनावरण और प्राण प्रतिष्ठा

मुख्यमंत्री ने आश्रम परिसर में नवनिर्मित श्री नवनाथ स्वरूप दर्शन के अंतर्गत नौ सिद्धों की मूर्तियों का विधिवत अनावरण और प्राण प्रतिष्ठा की। इनमें श्री आदिनाथ जी, श्री गुरु गोरक्षनाथ जी, श्री मत्स्येन्द्रनाथ जी, श्री चौरंगी नाथ जी, श्री संतोषनाथ जी, श्री सत्यनाथ जी, श्री उदयनाथ जी, श्री अचलअचम्बेनाथ जी और श्री गंजकन्थडनाथ जी की प्रतिमाएं शामिल रहीं।

इसके उपरांत सीएम ने संत छोटे लाल और लछीनाथ जी की समाधियों पर पुष्पांजलि अर्पित की और यज्ञशाला में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूर्णाहुति दी।

पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए मुख्यमंत्री ने परिसर में लाल चंदन का पौधा रोपित किया और 2023 में लगाए गए रुद्राक्ष के पौधे का अवलोकन भी किया।

आक्रांताओं के खानदान का अता-पता नहीं

सत्संग भवन में साधु-संतों को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा कि सनातन धर्म ने कभी किसी को गुलाम नहीं बनाया, लेकिन विदेशी आक्रांताओं ने हमेशा हमारी आस्था के केंद्रों को निशाना बनाया। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा— “जिन आक्रांताओं ने हमारे मठ-मंदिरों और तीर्थस्थलों को विखंडित किया, वे आज मिट्टी में मिल गए हैं। उनके खानदान तक का अता-पता नहीं है, जबकि हमारे तीर्थस्थल आज पुनः अपनी आभा के साथ प्रतिष्ठित हो रहे हैं।”

पोखरण परीक्षण और सोमनाथ का गौरव

मुख्यमंत्री ने आज के दिन के ऐतिहासिक महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि 11 मई का दिन भारत की शक्ति का प्रतीक है।आज ही के दिन पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में पोखरण में परमाणु परीक्षण कर दुनिया को भारत के सामर्थ्य का अहसास कराया गया था।

उन्होंने बताया कि आज ही सोमनाथ मंदिर की पुनर्प्रतिष्ठा का अमृत पर्व भी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमनाथ में और स्वयं सीएम योगी ने काशी विश्वनाथ से इस पावन आयोजन के साक्षी बने।

महाभारत कालीन इतिहास और बागपत का गौरव

बागपत के गौरवशाली इतिहास पर चर्चा करते हुए सीएम ने कहा कि यह वही भूमि है जिसे भगवान कृष्ण ने पांडवों के लिए कौरवों से मांगा था। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह, डॉ. सत्यपाल सिंह और जयंत सिंह के योगदान की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि डबल इंजन की सरकार में अयोध्या, काशी और विंध्यवासिनी धाम जैसे सांस्कृतिक प्रतीकों का पुनरुद्धार हो रहा है।

गुरु गोरखनाथ: धर्म की अलख जगाने वाले महायोगी

सीएम ने कहा कि महायोगी गुरु गोरखनाथ जी ने केवल गुफाओं में साधना नहीं की, बल्कि गांव-गांव जाकर समाज को विदेशी आक्रांताओं के खिलाफ एकजुट किया। उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया कि जो संकट के समय निडरता से खड़ा हो, वही सच्चा संत है।

कार्यक्रम के दौरान राज्य मंत्री जसवंत सिंह सैनी, केपी मलिक, सांसद राजकुमार सांगवान, राजस्थान के तिजारा विधायक बाबा बालकनाथ, महंत अर्जुननाथ, पूर्व सांसद डॉ. सत्यपाल सिंह, जिलाधिकारी अस्मिता लाल, एसपी सूरज कुमार राय सहित बड़ी संख्या में साधु-संत और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

 


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