जौनपुर: मिलावटखोरों पर प्रशासन का हंटर, 427 खाद्य नमूने फेल, दुकानदारों पर लगा 23 लाख का जुर्माना

जौनपुर

जौनपुर जनपद के शुद्ध खान-पान सुनिश्चित करने के दावों के बीच मिलावटखोरी की डरावनी तस्वीर सामने आई है। पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

जौनपुर जनपद के शुद्ध खान-पान सुनिश्चित करने के दावों के बीच मिलावटखोरी की डरावनी तस्वीर सामने आई है। पिछले एक वर्ष के भीतर खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा लिए गए 1549 नमूनों की जांच रिपोर्ट में बड़ा खुलासा हुआ है। कुल प्राप्त 1188 रिपोर्टों में से 427 नमूने मानकों पर फेल पाए गए हैं, जिसके बाद प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई करते हुए दोषी दुकानदारों पर 23 लाख 10 हजार रुपये का जुर्माना ठोंका है।

अभियान और जांच का दायरा

सहायक खाद्य आयुक्त द्वितीय देवाशीष उपाध्याय के नेतृत्व में जिले की 2826 दुकानों का सघन निरीक्षण किया गया। इस दौरान दूध, खोवा, मसाले, तेल और समोसा जैसे रोजमर्रा के खाद्य पदार्थों के सैंपल लिए गए। जांच में यह भी पाया गया कि कई दुकानदार एक ही तेल का बार-बार इस्तेमाल कर रहे हैं, जो सेहत के लिए बेहद खतरनाक है। इसके अलावा, 281 प्रतिष्ठानों (होटल, रेस्टोरेंट व ढाबा) को किचन में गंदगी और वेज-नॉनवेज एक ही बर्तन में परोसने जैसी अनियमितताओं पर सुधार नोटिस जारी किया गया है।

होगी जेल और भारी जुर्माना

मिलावटखोरी के गंभीर मामलों को देखते हुए 386 दुकानदारों के खिलाफ मुकदमा दायर किया गया है। खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुसार, असुरक्षित भोजन बेचने पर 5 लाख रुपये तक का जुर्माना और 7 वर्ष तक के कारावास का प्रावधान है। प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि सुधार नोटिस के बाद भी मानकों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ दोबारा जांच कर भारी आर्थिक दंड लगाया जाएगा। शासन के निर्देश पर अब नगर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक जांच टीमें पूरी तरह सक्रिय हैं।

 

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