सिद्धार्थनगर
सिद्धार्थनगर उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा संचालित ‘1962 पशु आरोग्य सेवा’ इन दिनों पशुपालकों और बेसहारा पशुओं के लिए वरदान साबित हो रही है।पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

सिद्धार्थनगर उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा संचालित ‘1962 पशु आरोग्य सेवा’ इन दिनों पशुपालकों और बेसहारा पशुओं के लिए वरदान साबित हो रही है। बांसी तहसील के ग्राम पंचायत रेहरा में एक बीमार बेसहारा भैंसे का समय पर उपचार कर एम्बुलेंस टीम ने उसे मौत के मुंह से बाहर निकाल लिया।
जानकारी के मुताबिक, रेहरा गांव के पास एक छुट्टा भैंसा गंभीर स्थिति में पड़ा तड़प रहा था। हालत इतनी नाजुक थी कि वह हिलने-डुलने में भी असमर्थ था। स्थानीय पत्रकार यादव ने इसकी सूचना तत्काल पशु आपातकालीन सेवा 1962 पर दी। सूचना मिलते ही लखनऊ मुख्यालय से विवरण डुमरियागंज की मोबाइल वेटनरी यूनिट को भेजा गया।
डॉ. तोहीद अहमद के नेतृत्व में पैराबेट अजीत कुमार गौड़ और पायलट रामरतन की टीम तत्काल सक्रिय हुई और मौके पर पहुंचकर पशु का गहन उपचार शुरू किया। टीम की कड़ी मेहनत और त्वरित चिकित्सकीय सहायता से बेसहारा पशु की जान बच गई। पशु की हालत में सुधार देख ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। ग्रामीणों ने डॉ. तोहीद और उनकी पूरी टीम की सक्रियता की मुक्त कंठ से प्रशंसा की और प्रदेश सरकार की इस सेवा को बेसहारा पशुओं के लिए सच्ची मददगार बताया। 1962 सेवा के इस मानवीय कार्य की क्षेत्र में जमकर चर्चा हो रही है।
महराजगंज उत्तर प्रदेश में भीषण उमस और तपती गर्मी से जूझ रहे लोगों के लिए बुधवार की शाम बड़ी राहत लेकर आई। प्रदेश के कई हिस्सों के साथ-साथ भारत-नेपाल सीमा पर स्थित ठूठीबारी में भी मौसम ने अचानक करवट बदली। यहाँ तेज आंधी के साथ हुई झमाझम बारिश और बड़े-बड़े ओलों ने न केवल तापमान pic.twitter.com/lDk05MZtAs
— Voice of News 24 (@VOfnews24) April 29, 2026























