रामपुर
समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आज़म खां और उनके बेटे अब्दुल्ला आज़म की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं।पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आज़म खां और उनके बेटे अब्दुल्ला आज़म की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। बहुचर्चित दो पैन कार्ड मामले में रामपुर की सेशन कोर्ट ने दोनों की अपीलों को खारिज कर दिया है। इस फैसले के बाद पिता-पुत्र को निचली अदालत से मिली सजा बरकरार रहेगी।
सजा और जुर्माने का फैसला बरकरार
निचली अदालत (MP-MLA कोर्ट) ने इस मामले में साक्ष्यों के आधार पर आज़म खां और अब्दुल्ला आज़म को दोषी करार दिया था। कोर्ट ने सजा सुनाई थी
दोनों दोषियों को 7-7 साल की कैद की सजा सुनाई गई थी।
सजा के साथ ही दोनों पर 50-50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया था।
सजा के इसी फैसले के खिलाफ आज़म खां और उनके बेटे ने सेशन कोर्ट में अपील दायर की थी, जिसे अदालत ने अब पूरी तरह से खारिज कर दिया है।
क्या है दो पैन कार्ड मामला?
यह पूरा मामला अब्दुल्ला आज़म द्वारा कथित तौर पर दो अलग-अलग जन्मतिथियों के आधार पर दो पैन कार्ड बनवाने और उनका उपयोग करने से जुड़ा है। आरोप था कि धोखाधड़ी और जालसाजी के जरिए इन दस्तावेजों को तैयार किया गया, जिसमें आज़म खां की भी संलिप्तता पाई गई थी।
राजनीतिक भविष्य पर संकट
सेशन कोर्ट से अपील खारिज होने के बाद आज़म परिवार के लिए कानूनी रास्ते और भी कठिन हो गए हैं। इस फैसले से आज़म खां के राजनीतिक प्रभाव और उनके बेटे के चुनावी भविष्य पर भी गहरा असर पड़ना तय माना जा रहा है। अब उनके पास इस फैसले को उच्च न्यायालय में चुनौती देने का विकल्प शेष है।
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