बुलंदशहर: कर्णवास में धूमधाम से मनाई गई ज्योतिराव फुले की जयंती, शिक्षा और समानता का दिया संदेश

डिबाई

बुलंदशहर जनपद के डिबाई क्षेत्र अंतर्गत कर्णवास गांव में महान समाज सुधारक महात्मा ज्योतिराव फुले की जयंती देर रात श्रद्धापूर्वक मनाई गई।पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

बुलंदशहर जनपद के डिबाई क्षेत्र अंतर्गत कर्णवास गांव में महान समाज सुधारक महात्मा ज्योतिराव फुले की जयंती देर रात श्रद्धापूर्वक मनाई गई। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में ग्रामीणों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने उनके पदचिह्नों पर चलने का संकल्प लिया।

जयंती समारोह की शुरुआत ज्योतिराव फुले के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन के साथ हुई। कार्यक्रम में उपस्थित गणमान्य नागरिकों और युवाओं ने उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए।

शिक्षा को बताया सबसे बड़ा हथियार

कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने समाज सुधार में फुले के योगदान को याद किया

दिनेश गौतम ने कहा कि ज्योतिराव फुले ने जातिवाद और भेदभाव के खिलाफ आवाज उठाई और शिक्षा को समाज की उन्नति का सबसे बड़ा हथियार बताया।

कुमारी वंदना ने महिला शिक्षा के क्षेत्र में उनके क्रांतिकारी कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि आज महिलाओं को जो बराबरी का अधिकार मिला है, उसमें फुले दंपत्ति का योगदान अतुलनीय है।

ब्रज माला ने उनके जीवन को संघर्ष और समर्पण का प्रतीक बताते हुए उनके विचारों को आज के समय में भी अत्यंत प्रासंगिक बताया।

कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने समाज में शिक्षा, समानता और न्याय स्थापित करने का संकल्प लिया। इस अवसर पर युवा मंगल दल के अध्यक्ष सौरभ कुमार, अशोक गौतम, सीमा देवी, पूजा कुमारी, विनोद गौतम, भरत गौतम, आर्यन कुमार और पंकज बघेल सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
डिबाई

बुलंदशहर जनपद के डिबाई क्षेत्र अंतर्गत कर्णवास गांव में महान समाज सुधारक महात्मा ज्योतिराव फुले की जयंती देर रात श्रद्धापूर्वक मनाई गई। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में ग्रामीणों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने उनके पदचिह्नों पर चलने का संकल्प लिया।

जयंती समारोह की शुरुआत ज्योतिराव फुले के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन के साथ हुई। कार्यक्रम में उपस्थित गणमान्य नागरिकों और युवाओं ने उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए।

शिक्षा को बताया सबसे बड़ा हथियार

कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने समाज सुधार में फुले के योगदान को याद किया

दिनेश गौतम ने कहा कि ज्योतिराव फुले ने जातिवाद और भेदभाव के खिलाफ आवाज उठाई और शिक्षा को समाज की उन्नति का सबसे बड़ा हथियार बताया।

कुमारी वंदना ने महिला शिक्षा के क्षेत्र में उनके क्रांतिकारी कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि आज महिलाओं को जो बराबरी का अधिकार मिला है, उसमें फुले दंपत्ति का योगदान अतुलनीय है।

ब्रज माला ने उनके जीवन को संघर्ष और समर्पण का प्रतीक बताते हुए उनके विचारों को आज के समय में भी अत्यंत प्रासंगिक बताया।

कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने समाज में शिक्षा, समानता और न्याय स्थापित करने का संकल्प लिया। इस अवसर पर युवा मंगल दल के अध्यक्ष सौरभ कुमार, अशोक गौतम, सीमा देवी, पूजा कुमारी, विनोद गौतम, भरत गौतम, आर्यन कुमार और पंकज बघेल सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।


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