सिद्धार्थनगर:संसद में गूंजी भारत की आर्थिक ताकत, जगदम्बिका पाल ने अनुपूरक अनुदान मांगों पर सरकार की नीतियों को सराहा

सिद्धार्थनगर

सिद्धार्थनगर के सांसद और वरिष्ठ भाजपा नेता जगदम्बिका पाल ने गुरुवार को लोकसभा में वर्ष 2025-26 की द्वितीय अनुपूरक अनुदान मांगों पर चर्चा। पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

सिद्धार्थनगर के सांसद और वरिष्ठ भाजपा नेता जगदम्बिका पाल ने गुरुवार को लोकसभा में वर्ष 2025-26 की द्वितीय अनुपूरक अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान मोदी सरकार की आर्थिक दूरदर्शिता और संकट प्रबंधन क्षमता का पुरजोर समर्थन किया। उन्होंने कहा कि लगभग 2.81 लाख करोड़ रुपए का यह अनुदान विकसित भारत 2047 के लक्ष्य की ओर एक मजबूत कदम है।

वैश्विक संकट के बीच आर्थिक सुरक्षा चक्र

सांसद जगदम्बिका पाल ने सदन को संबोधित करते हुए कहा कि ईरान-इजराइल संघर्ष के कारण वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 65-70 डॉलर से उछलकर 119 डॉलर प्रति बैरल तक जा पहुँची हैं। इस अस्थिरता ने उर्वरक, गैस और खाद्यान्न परिवहन की लागत को प्रभावित किया है।

सांसद जगदम्बिका पाल उन्होंने बताया कि सरकार ने 1 लाख करोड़ रुपये का आर्थिक स्थिरीकरण कोष बनाकर भारतीय अर्थव्यवस्था को भविष्य के भू-राजनीतिक झटकों से सुरक्षित करने का ऐतिहासिक काम किया है।

तीन गुना बढ़ी भारत की जीडीपी

सांसद ने 2014 के बाद आए बदलावों का जिक्र करते हुए कहा कि भारत की जीडीपी अब तीन गुना बढ़कर 357 लाख करोड़ रुपए हो गई है। साथ ही देश का विदेशी मुद्रा भंडार 686 अरब डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर है। जो वैश्विक मंच पर भारत की आर्थिक स्थिरता और स्पष्ट नीति का प्रमाण है।

कृषि और गरीब कल्याण के क्षेत्र में सरकार के कदमों को रेखांकित करते हुए खाद की कीमतों को नियंत्रण में रखने के लिए सब्सिडी बढ़ाकर 1.86 लाख करोड़ रुपए कर दी गई है, जिससे 14 करोड़ किसानों को सीधे लाभ मिल रहा है।

प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत 81 करोड़ लाभार्थियों को मुफ्त अनाज देकर देश की खाद्य सुरक्षा को अभेद्य बनाया गया है।

किसानों को इनपुट लागत से बचाने के लिए 19,230 करोड़ रुपए की अतिरिक्त राशि प्रदान की जा रही है।

सांसद ने सदन में बताया कि राज्यों को 38,585 करोड़ रुपए का हस्तांतरण किया जा रहा है, जो सहकारी संघवाद की भावना को मजबूत करेगा। यह राशि पंचायतों, शहरी निकायों और स्वास्थ्य सेवाओं को जमीनी स्तर पर सुदृढ़ बनाने में सहायक सिद्ध होगी।

जगदम्बिका पाल ने अपने संबोधन का समापन करते हुए कहा कि यह बजट केवल वित्तीय प्रावधान नहीं, बल्कि किसान सशक्तिकरण, गरीब कल्याण और एक स्थिर एवं विकसित भारत के निर्माण का रोडमैप है।

 

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