औरैया: पंचायती राज विभाग का बेपटरी सिस्टम, शिकायतों और मीडिया खबरों के बाद भी अधिकारी मौन

औरैया

औरैया जनपद में पंचायती राज विभाग का सिस्टम पूरी तरह ध्वस्त नजर आ रहा है। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार द्वारा ग्रामीण विकास के लिए भेजे जा रहे करोड़ों रुपये के बजट में बंदरबांट और घोटालों के आरोप लग रहे हैं। पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

औरैया जनपद में पंचायती राज विभाग का सिस्टम पूरी तरह ध्वस्त नजर आ रहा है। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार द्वारा ग्रामीण विकास के लिए भेजे जा रहे करोड़ों रुपये के बजट में बंदरबांट और घोटालों के आरोप लग रहे हैं। आलम यह है कि आमजन की शिकायतों और मीडिया की खबरों का विभाग के आलाधिकारियों पर कोई असर नहीं हो रहा है, जिससे सरकार की छवि धूमिल हो रही है।

स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम पंचायतों में विकास कार्य केवल कागजों तक सीमित हैं। जमीनी स्तर पर हकीकत कुछ और ही बयां करती है। भ्रष्टाचार का एक बड़ा उदाहरण बिधूना विकासखंड की ग्राम पंचायत बराहार के सोहनी गांव में देखने को मिलता है। यहाँ अमृत सरोवर तालाब के सौन्दर्यीकरण में हुई अनियमितताओं की शिकायत ग्रामीण पिछले एक साल से कर रहे हैं, लेकिन जिला पंचायत राज अधिकारी (DPRO) या किसी अन्य अधिकारी ने मौके पर जाकर जांच करना तक मुनासिब नहीं समझा।

अधिकारियों की इस उदासीनता से ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है। लोगों का कहना है कि आलाधिकारियों और ग्राम प्रधानों के बीच कथित ‘कमीशन’ के खेल के कारण जांच को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है। जनप्रतिनिधियों की चुप्पी ने भी विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सवाल यह उठता है कि आखिर कब तक औरैया का पंचायती राज विभाग भ्रष्टाचार को संरक्षण देता रहेगा और जिम्मेदार अधिकारियों पर गाज कब गिरेगी?

 

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