बहराइच
बहराइच जनपद के रुपईडीहा थाना क्षेत्र अंतर्गत रामनगर गांव में रविवार की रात करीब 1:30 बजे पारिवारिक कलह ने एक खौफनाक रूप ले लिया।पूरी जानकारी के पढ़िए वाॅयस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

बहराइच जनपद के रुपईडीहा थाना क्षेत्र अंतर्गत रामनगर गांव में रविवार की रात करीब 1:30 बजे पारिवारिक कलह ने एक खौफनाक रूप ले लिया। संपत्ति के विवाद में एक युवक ने हैवानियत की सारी हदें पार करते हुए अपने ही परिवार के चार सदस्यों को कुल्हाड़ी से काटकर मौत के घाट उतार दिया। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में सन्नाटा और दहशत का माहौल है।
कुल्हाड़ी से किया एक-एक कर वार
अस्पताल में भर्ती बड़े भाई गुरुदेव के बयान के अनुसार, आरोपी निरंकार (27) पिछले 4 वर्षों से संपत्ति के बंटवारे को लेकर पिता पर दबाव बना रहा था। रविवार देर रात फिर विवाद शुरू हुआ, जिसके बाद निरंकार ने घर में रखी कुल्हाड़ी उठा ली और सो रहे परिजनों पर हमला कर दिया। इस हमले में इनकी मौके पर ही मौत हो गई। शीतला देवी (82) – दादी,बदलूराम (62) – पिता,संजू देवी (60) – माता,पार्वती (35) – बहन
भाई पर हमला और खुद को घायल करने की कोशिश
चीख-पुकार सुनकर जब बड़ा भाई गुरुदेव घर के अंदर जाने लगा, तो निरंकार ने उस पर भी कुल्हाड़ी से वार किया। गुरुदेव के कड़े संघर्ष के बाद आरोपी ने कुल्हाड़ी फेंक दी और पास पड़ी ईंट से अपने ही सिर पर प्रहार करना शुरू कर दिया। इस संघर्ष में दोनों भाई घायल हुए हैं।
पुलिस ने घर के बाहर से हत्या में प्रयुक्त खून से सनी कुल्हाड़ी बरामद कर ली है।गुरुदेव का इलाज सीएचसी चरदा में चल रहा है, जबकि गंभीर रूप से घायल आरोपी निरंकार को लखनऊ ट्रामा सेंटर रेफर किया गया है।घटना की सूचना मिलते ही एसपी राम नयन सिंह, एएसपी दुर्गा प्रसाद त्रिपाठी और क्षेत्राधिकारी पहुप सिंह ने भारी बल के साथ घटनास्थल का निरीक्षण किया।
स्थानीय लोगों और भाई के मुताबिक, निरंकार का व्यवहार पिछले 4 सालों से हिंसक बना हुआ था। इसी कलह के कारण उसकी पत्नी भी उसे छोड़कर चली गई थी, जिसके बाद वह और ज्यादा उग्र हो गया था। वह आए दिन परिजनों के साथ मारपीट करता रहता था।
फोरेंसिक जांच जारी
फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं। घर के भीतर हर तरफ खून के निशान और टूटी-फूटी वस्तुएं बिखरी हुई मिलीं, जो संघर्ष की भयावहता को दर्शाती हैं। एहतियातन गांव में अतिरिक्त पुलिस बल और पीएसी के जवानों को तैनात किया गया है।
खाड़ी देशों में गहराते युद्ध और सुरक्षा संकट का सीधा असर अब उत्तर प्रदेश की राजधानी पर पड़ा है। लखनऊ के चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से खाड़ी देशों के लिए उड़ने वाली 17 अंतरराष्ट्रीय उड़ानें अब तक निरस्त की जा चुकी हैं, जिससे हजारों यात्रियों का सफर अधर में लटक गया है। pic.twitter.com/LvagZmnRQE
— Voice of News 24 (@VOfnews24) March 2, 2026





















