बलरामपुर: बच्चों की सुरक्षा और अधिकारों को लेकर डीएम सख्त, कहा जमीनी स्तर पर दिखने चाहिए ठोस परिणाम

बलरामपुर

बलरामपुर जनपद बच्चों के अधिकारों के संरक्षण और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय है।पूरी जानकारी के पढ़िए वाॅयस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

बलरामपुर जनपद बच्चों के अधिकारों के संरक्षण और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय है। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जिला बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति की बैठक में जिलाधिकारी विपिन कुमार जैन ने बाल संरक्षण योजनाओं की बिंदुवार समीक्षा की और अधिकारियों को कड़ी चेतावनी दी।

प्राथमिकता पर बाल सुरक्षा

जिलाधिकारी ने स्पष्ट रूप से कहा कि बच्चों के लिए सुरक्षित वातावरण, बेहतर शिक्षा और स्वास्थ्य प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने बाल श्रम उन्मूलन, बाल विवाह की रोकथाम, स्पॉन्सरशिप योजना और चाइल्ड हेल्पलाइन की प्रगति जांची। डीएम ने निर्देश दिए कि किसी भी संवेदनशील मामले में त्वरित कार्रवाई की जाए और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

केवल कागजी नहीं, धरातल पर हो काम

डीएम जैन ने अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा, “योजनाओं का लाभ वास्तविक पात्र बच्चों तक पहुँचना चाहिए। केवल कागजी कार्यवाही से काम नहीं चलेगा, बल्कि जमीनी स्तर पर ठोस परिणाम दिखने चाहिए।” उन्होंने जागरूकता कार्यक्रमों को व्यापक स्तर पर चलाने और फील्ड-लेवल पर प्रभावी निगरानी के निर्देश दिए।

बैठक में रहे मौजूद

इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में मुख्य विकास अधिकारी हिमांशु गुप्ता, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला समाज कल्याण अधिकारी, सहायक श्रमायुक्त, बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष/सदस्य और विभिन्न स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। प्रशासन का लक्ष्य सभी विभागों के आपसी समन्वय से जनपद को बाल-सुरक्षित जिला बनाना है।

 

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