सिद्धार्थनगर:शराब के पैसों का विवाद और कातिल बना साथी, सिद्धार्थनगर पुलिस ने सुलझाई बुजुर्ग की हत्या की गुत्थी

सिद्धार्थनगर

सिद्धार्थनगर जनपद के थाना उसका बाजार क्षेत्र के तालभिरौना गांव में 11 दिन पहले हुई बुजुर्ग चंद्रबली की नृशंस हत्या का पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है।पूरी जानकारी के पढ़िए वाॅयस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट। 


सिद्धार्थनगर जनपद के थाना उसका बाजार क्षेत्र के तालभिरौना गांव में 11 दिन पहले हुई बुजुर्ग चंद्रबली की नृशंस हत्या का पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। जिस हत्या को ‘ब्लाइंड मर्डर’ माना जा रहा था, उसका कातिल कोई और नहीं बल्कि मृतक का पुराना परिचित वासुदेव निकला। पुलिस ने गुरुवार को आरोपी को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है।

वारदात की इनसाइड स्टोरी: शराब,पैसा और जुनून

घटनाक्रम 18 जनवरी की रात का है। आरोपी वासुदेव शराब भट्टी के पास मछली बेचने का काम करता था और उस दिन मुनीब की अनुपस्थिति में उसने शराब भी बेची थी। शाम को चंद्रबली वहां पहुंचे और दोनों ने साथ बैठकर जमकर शराब पी।

नशे की हालत में चंद्रबली शराब की बिक्री के पैसों में हिस्सा मांगने लगे। रात करीब 10 बजे जब दोनों पैदल गांव की ओर जा रहे थे, तो पुलिया के पास फिर से पैसों को लेकर कहासुनी और हाथापाई शुरू हो गई। नशे में धुत वासुदेव ने आपा खो दिया और अपने पास रखे मछली काटने वाले चाकू से चंद्रबली पर एक के बाद एक कई वार कर दिए।

साक्ष्य मिटाने की कोशिश रही नाकाम

हत्या के बाद आरोपी ने बड़ी चालाकी से खून से सने चाकू को खजूरडाड़ पुल से नदी में फेंक दिया और घर जाकर ऐसे सो गया जैसे कुछ हुआ ही न हो। पुलिस ने जब तकनीकी साक्ष्यों और स्थानीय इनपुट के आधार पर वासुदेव को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की, तो वह टूट गया और अपना जुर्म स्वीकार कर लिया।

पुलिस की कार्रवाई

पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर टीम ने आरोपी को उसका बाजार रेलवे स्टेशन के पास से घेराबंदी कर दबोचा। जांच में यह भी पता चला कि वासुदेव का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है और वह पहले भी जेल जा चुका है। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर अन्य साक्ष्य जुटाकर उसे जेल भेज दिया है। इस खुलासे के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है।

 

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