संतकबीरनगर
संतकबीरनगर जनपद के जिला एवं सत्र न्यायाधीश मोहन लाल विश्वकर्मा की अदालत ने करीब दो दशक पुराने चर्चित बालू खनन विवाद और एसडीएम पर जानलेवा हमले के मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। पूरी जानकारी के पढ़िए वाॅयस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

संतकबीरनगर जनपद के जिला एवं सत्र न्यायाधीश मोहन लाल विश्वकर्मा की अदालत ने करीब दो दशक पुराने चर्चित बालू खनन विवाद और एसडीएम पर जानलेवा हमले के मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। साक्ष्य के अभाव में अदालत ने पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष श्रीचंद यादव उर्फ लाला सहित पांच आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए बाइज्जत बरी कर दिया है।
क्या था मामला?
यह प्रकरण 2 मई 2005 का है। तत्कालीन उप जिलाधिकारी (SDM) धनघटा सतीश चंद्र ने आरोप लगाया था कि ग्राम प्रजापतिपुर में बालू खनन की जांच के दौरान आरोपियों ने उनके वाहन पर जानलेवा हमला किया और सरकारी कार्य में बाधा डाली। शिकायत में हत्या के प्रयास (धारा 307) और दलित उत्पीड़न (SC/ST Act) जैसी गंभीर धाराएं लगाई गई थीं। एसडीएम का दावा था कि पट्टा किसी और के नाम था, लेकिन अवैध रूप से खनन श्रीचंद यादव करवा रहे थे।
अदालत का फैसला
विचारण के दौरान दो आरोपियों, रामशंकर यादव और कासिम की मृत्यु हो चुकी थी। बचाव पक्ष के अधिवक्ता सुभद्रनाथ राय और गिरजेश यादव ने दलीलों के माध्यम से अभियोजन के आरोपों को निराधार बताया। अदालत ने पाया कि अभियोजन पक्ष आरोपियों के खिलाफ ठोस सबूत पेश करने में विफल रहा। 20 साल चली लंबी कानूनी लड़ाई के बाद अंततः अदालत ने सभी जीवित आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया है।
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— Voice of News 24 (@VOfnews24) January 25, 2026




















