बुलंदशहर: अमर रहे के नारों से गूंजा धनौरा, शहीद प्रवीण चौधरी को नम आंखों से दी गई अंतिम विदाई

चोला (बुलंदशहर)

बुलंदशहर जनपद के चोला में वतन की रक्षा में अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले बुलंदशहर के वीर सपूत प्रवीण चौधरी का पार्थिव शरीर शुक्रवार को जैसे ही उनके पैतृक गांव धनौरा पहुँचा, समूचा क्षेत्र शोक और गर्व की लहर में डूब गया।

बुलंदशहर जनपद के चोला में वतन की रक्षा में अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले बुलंदशहर के वीर सपूत प्रवीण चौधरी का पार्थिव शरीर शुक्रवार को जैसे ही उनके पैतृक गांव धनौरा पहुँचा समूचा क्षेत्र शोक और गर्व की लहर में डूब गया। शहीद के अंतिम दर्शन के लिए उमड़े जनसैलाब ने भारत माता की जय और शहीद प्रवीण अमर रहें के नारों से आसमान गुंजा दिया।

हर आँख हुई नम, उमड़ा लोगों का हुजूम शहीद का पार्थिव शरीर तिरंगे में लिपटा देख परिजनों का कलेजा फट पड़ा, वहीं ग्रामीणों की आँखें भी छलक उठीं। आसपास के दर्जनों गांवों से हजारों की संख्या में युवा, महिलाएं और बुजुर्ग अपने नायक को विदाई देने पहुँचे। युवाओं ने हाथों में तिरंगा लेकर शहीद को सलामी दी, तो महिलाओं ने पुष्प वर्षा कर वीर सपूत को नमन किया।

प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने दी श्रद्धांजलि अंतिम संस्कार के समय स्थानीय जनप्रतिनिधि, सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी और जिला प्रशासन के आलाधिकारी मौजूद रहे।अधिकारियों ने शहीद के पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। उपस्थित जनसमूह ने कहा कि प्रवीण चौधरी की शहादत पर पूरे जनपद को गर्व है और उनकी वीरगाथा आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी।

राजकीय सम्मान के साथ शहीद का अंतिम संस्कार किया गया। गाँव में छाई उदासी और परिजनों के विलाप ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया, लेकिन बेटे की शहादत पर पिता का सिर गर्व से ऊंचा नजर आया।

 

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