बलरामपुर
बलरामपुर जनपद के सरकार द्वारा मातृ एवं शिशु मृत्यु दर कम करने के उद्देश्य से चलाई जा रही ‘जननी सुरक्षा योजना जिले में तकनीकी और प्रशासनिक बाधाओं के चलते दम तोड़ती नजर आ रही है। पूरी जानकारी के पढ़िए वाॅयस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

बलरामपुर जनपद के सरकार द्वारा मातृ एवं शिशु मृत्यु दर कम करने के उद्देश्य से चलाई जा रही ‘जननी सुरक्षा योजना जिले में तकनीकी और प्रशासनिक बाधाओं के चलते दम तोड़ती नजर आ रही है। ताजा आंकड़ों के अनुसार, बलरामपुर में संस्थागत प्रसव कराने वाली 11,744 प्रसूताएं अपनी प्रोत्साहन राशि के लिए महीनों से सरकारी कार्यालयों के चक्कर काट रही हैं।
आंकड़ों का गणित
आधे से अधिक भुगतान लंबित स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, अप्रैल से दिसंबर 2025 के बीच जिले में कुल 27,153 संस्थागत प्रसव हुए। नियमानुसार इन सभी को लाभ मिलना चाहिए था, लेकिन अब तक केवल 15,409 महिलाओं के खातों में ही धनराशि भेजी जा सकी है। गौरतलब है कि शहरी क्षेत्र की प्रसूताओं को 1,400 रुपये और ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को 1,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है।

नेटवर्क मजबूत, पर भुगतान में देरी से असंतोष जिले में जिला महिला अस्पताल सहित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में कुल 130 प्रसव इकाइयां संचालित हैं। आशा कार्यकर्ता गर्भवती महिलाओं को अस्पताल लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं, जिससे प्रसव की संख्या तो बढ़ी है, लेकिन भुगतान अटकने से लाभार्थियों में भारी असंतोष है। नवंबर की तुलना में दिसंबर में लंबित मामलों की संख्या में और इजाफा हुआ है।
अधिकारियों का पक्ष मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मुकेश कुमार रस्तोगी ने बताया कि पोर्टल में तकनीकी खामियों, लाभार्थियों के आधार कार्ड में त्रुटि या बैंक खातों के मिलान न होने के कारण भुगतान में देरी हो रही है। उन्होंने सभी इकाइयों को निर्देश दिए हैं कि त्रुटियों को सुधार कर जल्द से जल्द पात्र महिलाओं को योजना का लाभ सुनिश्चित कराया जाए।
सिसवा बाजार में सनसनी: स्वर्ण व्यवसायी पर बाइक सवार बदमाशों ने झोंका फायर, बाल-बाल बची जानhttps://t.co/qqZheQjjn0
— Voice of News 24 (@VOfnews24) January 22, 2026




















