राजघाट: बूढ़े बाबू के ऐतिहासिक मेले में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, आस्था के साथ त्वचा रोगों से मुक्ति की कामना

बुलंदशहर

बुलंदशहर जनपद के डिबाई विधानसभा क्षेत्र के राजघाट रेलवे स्टेशन के पास ‘बूढ़े बाबा की दौज’ पर भव्य ऐतिहासिक मेले का आयोजन किया गया।पूरी जानकारी के पढ़िए वाॅयस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

बुलंदशहर जनपद के डिबाई विधानसभा क्षेत्र के राजघाट रेलवे स्टेशन के पास ‘बूढ़े बाबा की दौज’ पर भव्य ऐतिहासिक मेले का आयोजन किया गया। इस अवसर पर राजघाट, बदरपुर, उदयगढ़ी और मढ़िया सहित दर्जनों गांवों के सैकड़ों श्रद्धालुओं ने बूढ़े बाबा के दरबार में शीश नवाया।

चमत्कारी मिट्टी और प्राचीन मान्यताएँ मेले में आए भक्तों ने विशेष रूप से कुष्ठ रोग और त्वचा संबंधी विकारों से मुक्ति की मन्नत मांगी। मान्यता के अनुसार, यहाँ स्थित तालाब की मिट्टी शरीर पर लगाने से एलर्जी जैसी बीमारियों से निजात मिलती है। परंपरा का निर्वहन करते हुए श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना के बाद चढ़ावा कुम्हार जाति के लोगों को अर्पित किया और क्षेत्र की खुशहाली के लिए आशीर्वाद मांगा।

शिव स्वरूप में होती है पूजा आचार्य भास्कर शर्मा ने मेले के आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि कई क्षेत्रों में बूढ़े बाबू को भगवान शिव का स्वरूप और लोक देवता के रूप में पूजा जाता है। उनकी समाधि और तालाब की मिट्टी को औषधीय व चमत्कारी माना जाता है। दिन भर चले इस आयोजन में सुरक्षा के बीच भक्ति और उत्साह का माहौल बना रहा।

 

 

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