सिद्धार्थनगर: कड़ाके की ठंड और चोट से बेहाल था ‘पक्षीराज गिद्ध’, राहगीरों और डॉक्टरों की टीम ने बचाई जान

सिद्धार्थनगर

सिद्धार्थनगर जनपद के नौगढ़-उसका मार्ग पर मारुति एजेंसी के समीप शुक्रवार को एक विशाल गिद्ध मरणासन्न स्थिति में मिला।पूरी जानकारी के पढ़िए वाॅयस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट

सिद्धार्थनगर जनपद के नौगढ़-उसका मार्ग पर मारुति एजेंसी के समीप शुक्रवार को एक विशाल गिद्ध मरणासन्न स्थिति में मिला। भीषण ठंड और चोट के कारण उड़ने में असमर्थ इस दुर्लभ पक्षी की जान बचाने के लिए स्थानीय लोगों और प्रशासनिक टीम ने मिलकर सराहनीय प्रयास किया।

राहगीर की सतर्कता से बचा पक्षीराज

मारुति एजेंसी के पास से गुजर रहे राहगीर धीरज रावत की नजर सड़क किनारे ठंड से ठिठुर रहे और घायल गिद्ध पर पड़ी। उन्होंने तुरंत इसकी सूचना स्थानीय पशुपालन विभाग को दी। सूचना मिलते ही विभाग सक्रिय हुआ और पक्षी के रेस्क्यू की प्रक्रिया शुरू की गई।

वन विभाग और पशुपालन विभाग का साझा रेस्क्यू

सूचना पर पशुधन प्रसार अधिकारी अरुण कुमार प्रजापति और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। कड़ाके की ठंड के बीच टीम ने सावधानीपूर्वक पक्षीराज गिद्ध को रेस्क्यू कर पकड़ा और उसे तत्काल पशु चिकित्सालय नौगढ़ लाया गया।

इंजेक्शन और प्राथमिक उपचार से मिली राहत

पशु चिकित्सालय में डॉक्टरों की टीम ने गिद्ध का गहन परीक्षण किया। अरुण कुमार प्रजापति द्वारा उसे आवश्यक इंजेक्शन लगाए गए और घावों का उपचार किया गया। उपमुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. राज बहादुर यादव की देखरेख में गिद्ध को गर्माहट प्रदान करने और उसे स्थिर करने के प्रयास किए गए।

रेस्क्यू टीम में शामिल रहे ये लोग

इस सफल रेस्क्यू ऑपरेशन में वन विभाग की ओर से वन दरोगा निखिल श्रीवास्तव अपनी टीम के साथ डटे रहे। वहीं चिकित्सा टीम में फार्मासिस्ट रवि कुमार, महेंद्र पाल और चंद्रजीत ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

वर्तमान में गिद्ध को वन विभाग की निगरानी में रखा गया है। स्वस्थ होने के बाद इसे पुनः प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया जाएगा। स्थानीय लोगों ने बेजुबान पक्षी की जान बचाने के लिए इस त्वरित कार्रवाई की जमकर प्रशंसा की है।

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