बलरामपुर: वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर चमकेगी अपनी सांस्कृतिक विरासत, DM ने दिए ‘पर्यटन कैलेंडर’ और ‘लोगो’ तैयार करने के निर्देश

बलरामपुर

बलरामपुर जिले की ऐतिहासिक, पौराणिक और सांस्कृतिक धरोहरों को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने के लिए जिला प्रशासन ने कमर कस ली है।पूरी जानकारी के पढ़िए वाॅयस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

बलरामपुर जिले की ऐतिहासिक, पौराणिक और सांस्कृतिक धरोहरों को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने के लिए जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। जिलाधिकारी विपिन कुमार जैन की अध्यक्षता में आयोजित ‘जिला पर्यटन एवं संस्कृति परिषद’ की बैठक में जनपद के कायाकल्प को लेकर एक महत्वाकांक्षी कार्ययोजना तैयार की गई है।

पर्यटन कैलेंडर और डॉक्यूमेंट्री से होगी ब्रांडिंग

जिलाधिकारी ने निर्देश दिया है कि जनपद के प्रमुख पर्यटन स्थलों को संकलित कर एक ‘वार्षिक पर्यटन कैलेंडर’ प्रकाशित किया जाए। इसके साथ ही, जिले की प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक पहचान को दुनिया के सामने रखने के लिए एक डॉक्यूमेंट्री फिल्म और आकर्षक ‘कॉफी टेबल बुक’ भी तैयार की जाएगी।

युवाओं की रचनात्मकता से बनेगा ‘पर्यटन लोगो’

जनपद की एक विशिष्ट पहचान स्थापित करने के लिए एक ‘पर्यटन लोगो’ तैयार कराया जाएगा। खास बात यह है कि इस लोगो के निर्माण के लिए विद्यालयों में प्रतियोगिता आयोजित होगी, जिससे छात्र अपनी रचनात्मकता के जरिए जनपद से भावनात्मक रूप से जुड़ सकेंगे।

पर्यटकों के लिए अत्याधुनिक सुविधाएं

बैठक में पर्यटकों के अनुभव को सुगम बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए:

आधुनिक साइनेज बोर्ड: मुख्यालय और प्रमुख स्थलों को जोड़ने वाले मार्गों पर दिशा-सूचक और सूचना बोर्ड लगाए जाएंगे।

सांस्कृतिक मंच: कलाकारों के लिए खुले मंच और ऑडिटोरियम का निर्माण होगा, ताकि लोक-कलाओं को बढ़ावा मिल सके।

होम-स्टे (ब्रेड एंड ब्रेकफास्ट): स्थानीय पर्यटन को जनभागीदारी से जोड़ने के लिए ‘होम-स्टे’ नीति का व्यापक प्रचार किया जाएगा, जिससे पर्यटकों को पारंपरिक व्यंजनों और संस्कृति का अनुभव मिल सके।

वर्ष 2026-27 के लिए मास्टर प्लान

डीएम विपिन कुमार जैन ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए एक समग्र विकास योजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही ‘उत्तर प्रदेश संस्कृति उत्सव-2026’ के भव्य आयोजन की रूपरेखा भी तय की गई है। युवाओं को पर्यटन से जोड़ने के लिए ‘युवा पर्यटन क्लब’ के माध्यम से शैक्षिक भ्रमण आयोजित किए जाएंगे।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि बलरामपुर में पर्यटन की असीम संभावनाएं हैं और प्रशासन का लक्ष्य इसे एक प्रमुख पर्यटन हब के रूप में विकसित करना है, जिससे स्थानीय रोजगार को भी बढ़ावा मिलेगा।

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