बरेली :फरीदपुर बीजेपी विधायक डॉ. श्याम बिहारी लाल का निधन, जन्मदिन के अगले ही दिन पसरा मातम,सर्किट हाउस में समीक्षा बैठक के दौरान बिगड़ी थी तबीयत

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बरेली की फरीदपुर सुरक्षित विधानसभा सीट से लगातार दूसरी बार बीजेपी विधायक निर्वाचित हुए डॉ. प्रोफेसर श्याम बिहारी लाल का आज शुक्रवार को दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया।पूरी जानकारी के पढ़िए वाॅयस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

बरेली की फरीदपुर सुरक्षित विधानसभा सीट से लगातार दूसरी बार बीजेपी विधायक निर्वाचित हुए डॉ. प्रोफेसर श्याम बिहारी लाल का आज शुक्रवार को दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। लगभग 60 वर्षीय विधायक ने अस्पताल में इलाज के दौरान अंतिम सांस ली। विडंबना यह है कि अभी एक दिन पहले ही, 1 जनवरी को उन्होंने अपना जन्मदिन मनाया था।

समीक्षा बैठक के दौरान अचानक बिगड़ी हालत

मिली जानकारी के अनुसार, शुक्रवार दोपहर बरेली सर्किट हाउस में पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह ने एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की थी। इस बैठक में जिले के सभी जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। विधायक डॉ. श्याम बिहारी लाल भी इस बैठक में सम्मिलित हुए थे।

बैठक के बाद उन्होंने वहां उपस्थित अन्य लोगों के साथ भोजन किया। भोजन के दौरान ही उन्हें कुछ असहज महसूस हुआ, जिसके बाद वे वहां से उठकर टहलने लगे। तभी उन्हें अचानक तेज पसीना आया और वे सर्किट हाउस के एक कमरे में आराम करने चले गए।

वेंटिलेटर पर भी नहीं बच सकी जान

घबराहट बढ़ने पर उन्हें तत्काल शहर के एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें वेंटिलेटर पर रखा। हालांकि, उनकी स्थिति में सुधार नहीं हुआ और अंततः उन्होंने दम तोड़ दिया। उनके निधन की सूचना मिलते ही अस्पताल और उनके आवास पर समर्थकों और राजनीतिक हस्तियों का तांता लग गया।

राजनीतिक और शैक्षिक सफर

शिक्षा जगत से राजनीति तक प्रोफेसर श्याम बिहारी लाल एक उच्च शिक्षित राजनेता थे। उन्होंने फरीदपुर सीट से लगातार दो बार जीत दर्ज कर अपनी लोकप्रियता साबित की थी।

अंतरराष्ट्रीय पहचान: हाल ही में उन्हें उनकी उपलब्धियों के लिए लंदन में एक अभिनंदन कार्यक्रम के दौरान सम्मानित भी किया गया था।

निजी जीवन: उनके परिवार में पत्नी मंजू लता, एक बेटा और दो बेटियां हैं। कल ही उनके जन्मदिन पर घर में खुशी का माहौल था, जो आज मातम में बदल गया।

क्षेत्र में शोक की लहर

एक मृदुभाषी और विद्वान विधायक के रूप में उनकी पहचान थी। उनके आकस्मिक निधन पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, कैबिनेट मंत्री धर्मपाल सिंह और अन्य नेताओं ने गहरा दुख प्रकट किया है। फरीदपुर की जनता के बीच वे अपने विकास कार्यों और सरल स्वभाव के लिए हमेशा याद किए जाएंगे।

 

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