गोरखपुर:अमर शहीद रामप्रसाद बिस्मिल की शहादत को नमन,आशीष मणि त्रिपाठी ने साथियों संग जिला कारागार में दी श्रद्धांजलि

गोरखपुर

काकोरी कांड के महानायक और भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के प्रखर क्रांतिकारी पंडित रामप्रसाद बिस्मिल की पुण्य स्मृति में जिला कारागार गोरखपुर में एक गरिमामय श्रद्धांजलि सभा का आयोजन हुआ।पूरी जानकारी के पढ़िए वाॅयस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

काकोरी कांड के महानायक और भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के प्रखर क्रांतिकारी पंडित रामप्रसाद बिस्मिल की पुण्य स्मृति में जिला कारागार गोरखपुर में एक गरिमामय श्रद्धांजलि सभा का आयोजन हुआ। ग्राम सभा सिंगहां (जनपद कुशीनगर) से पहुंचे प्रसिद्ध समाजसेवी आशिष मणि त्रिपाठी ने अपने साथियों के साथ शहीद बिस्मिल की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया।

उस ऐतिहासिक कक्ष में पहुंचकर भावुक हुए युवा

श्रद्धांजलि अर्पित करने के उपरांत आशीष मणि त्रिपाठी और उनके साथियों ने उस ऐतिहासिक कालकोठरी (बैरक) का दर्शन किया, जहाँ पंडित रामप्रसाद बिस्मिल को फांसी से पूर्व रखा गया था। उस कक्ष की दीवारों और वहां के वातावरण को देख सभी साथी भाव-विभोर हो उठे। दल के सदस्यों ने उस पवित्र स्थान की मिट्टी को नमन करते हुए देश की आजादी के लिए दिए गए बलिदानों को याद किया।

“बिस्मिल के विचारों में आज भी है देशभक्ति की ऊर्जा”

इस अवसर पर संबोधित करते हुए समाजसेवी आशीष मणि त्रिपाठी ने कहा, “पंडित रामप्रसाद बिस्मिल केवल एक क्रांतिकारी नहीं, बल्कि भारतीय युवाओं के लिए अनंत प्रेरणास्रोत हैं। जिस कक्ष में उन्होंने अपने जीवन के अंतिम क्षण बिताए, वहां आज भी देशभक्ति की एक अद्भुत ऊर्जा महसूस होती है। हमारा कर्तव्य है कि हम शहीदों के सपनों का भारत बनाएं और उनके बलिदान को कभी विस्मृत न होने दें।”

उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे ऐसे ऐतिहासिक स्थलों का भ्रमण करें ताकि उन्हें अपने गौरवशाली इतिहास और राष्ट्रसेवा की वास्तविक प्रेरणा मिल सके।

इस भावपूर्ण श्रद्धांजलि कार्यक्रम में आशीष मणि त्रिपाठी के साथ दीपू रावत, प्रमोद मिश्रा, डॉ. सुरेश चौहान,इंद्रशन पाण्डेय, चंदन प्रजापति, शिवम त्रिपाठी और सिद्धांत कुमार पाण्डेय सहित अन्य साथी उपस्थित रहे।

सभी ने एक स्वर में शहीद बिस्मिल के अमर नारों और उनके अदम्य साहस को याद करते हुए उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।

 

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