महराजगंज: अवैध खनन की सूचना पर एसडीएम की छापेमारी, नदी तट पर नहीं मिला कोई सबूत

महराजगंज

महराजगंज जनपद के सीमावर्ती ठूठीबारी क्षेत्र में सोमवार सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया, जब अवैध खनन की शिकायत पर प्रशासन की टीम ने अचानक धावा बोल दिया।पूरी जानकारी के पढ़िए वाॅयस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

महराजगंज जनपद के सीमावर्ती ठूठीबारी क्षेत्र में सोमवार सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया, जब अवैध खनन की शिकायत पर प्रशासन की टीम ने अचानक धावा बोल दिया। निचलौल एसडीएम सिद्धार्थ गुप्ता ने भारी पुलिस बल और राजस्व कर्मियों के साथ चंदन उर्फ घोला नदी क्षेत्र का सघन निरीक्षण किया।

शिकायत पर एक्शन, लेकिन मौके पर सन्नाटा

प्रशासन को स्थानीय कस्बे के एक व्यक्ति द्वारा सूचना दी गई थी कि घोला नदी क्षेत्र में बड़े पैमाने पर बालू और मिट्टी का अवैध खनन किया जा रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम सिद्धार्थ गुप्ता स्वयं मौके पर पहुँचे। हालांकि, घंटों चले निरीक्षण और मुआयने के दौरान टीम को अवैध खनन के कोई साक्ष्य नहीं मिले।

निरीक्षण के दौरान क्या मिला?

एसडीएम के अनुसार, मौके पर न तो खनन में इस्तेमाल होने वाली कोई मशीन (जैसे जेसीबी या ट्रैक्टर) मिली और न ही बालू या मिट्टी के ताज़ा अवैध भंडारण के संकेत मिले। जांच में फिलहाल अवैध खनन की पुष्टि नहीं हुई है।

प्रशासन की चेतावनी: “अवैध खनन पर होगी कठोर कार्रवाई”

भले ही मौके पर कोई संदिग्ध गतिविधि नहीं मिली, लेकिन एसडीएम सिद्धार्थ गुप्ता ने ठूठीबारी थानाध्यक्ष को क्षेत्र में कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि:

भविष्य में यदि किसी भी प्रकार का अवैध खनन पाया गया, तो दोषियों के विरुद्ध कठोरतम कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासन ऐसी सूचनाओं पर ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाते हुए तत्काल कार्रवाई करेगा।

एसडीएम का बयान: “शिकायतकर्ता की सूचना पर हमने त्वरित मुआयना किया है। फिलहाल कोई अवैध गतिविधि सामने नहीं आई है, लेकिन हम पूरी तरह सतर्क हैं। क्षेत्र में अवैध कार्यों को किसी भी कीमत पर पनपने नहीं दिया जाएगा।”

 

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