UP: सरहद पार का ‘इश्क’ पड़ा भारी, पाकिस्तान की जेल से रिहा हुआ अलीगढ़ का बादल बाबू

अलीगढ़

प्यार की कोई सीमा नहीं होती, लेकिन कभी-कभी यह जुनून सलाखों के पीछे पहुँचा देता है।पूरी जानकारी के पढ़िए वाॅयस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

प्यार की कोई सीमा नहीं होती, लेकिन कभी-कभी यह जुनून सलाखों के पीछे पहुँचा देता है। उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ निवासी बादल बाबू, जो अपनी प्रेमिका से मिलने के लिए अवैध रूप से सीमा पार कर पाकिस्तान पहुँच गए थे, उनकी सजा पूरी हो गई है। पाकिस्तानी अधिकारियों ने उन्हें जेल से रिहा कर दिया है, हालांकि वर्तमान में उन्हें डिटेंशन सेंटर में रखा गया है।

फेसबुक पर शुरू हुई थी ‘सरहद पार’ लव स्टोरी

अलीगढ़ के बरला थाना क्षेत्र के खिटकारी गांव का रहने वाला बादल बाबू सोशल मीडिया के जरिए पाकिस्तान की रहने वाली सना के संपर्क में आया था। धीरे-धीरे दोनों का प्रेम प्रसंग परवान चढ़ा और बादल ने सना से मिलने के लिए पाकिस्तान जाने का फैसला कर लिया।

बिना पासपोर्ट-वीजा के लांघी थी सरहद

प्यार में पागल बादल बाबू ने कानूनी रास्ता अपनाने के बजाय जोखिम भरा रास्ता चुना। सितंबर 2024 में वह बिना किसी वैध दस्तावेज (पासपोर्ट और वीजा) के अंतरराष्ट्रीय बॉर्डर पार कर पाकिस्तान की सीमा में दाखिल हो गया। सीमा पार करते ही पाकिस्तानी सुरक्षा एजेंसियों ने उसे गिरफ्तार कर लिया और अवैध घुसपैठ के आरोप में जेल भेज दिया था।

जेल से रिहाई, अब भारत वापसी का इंतजार

सजा की अवधि पूरी होने के बाद बादल को जेल से तो रिहा कर दिया गया है, लेकिन कागजी कार्रवाई और प्रोटोकॉल के चलते उसे अभी डिटेंशन सेंटर में रखा गया है। बादल के परिवार को जैसे ही उसकी रिहाई की खबर मिली, घर में उम्मीद की किरण जग गई है।

परिवार ने लगाई सरकार से गुहार

बादल बाबू के परिजनों ने भारत सरकार और विदेश मंत्रालय से भावुक अपील की है। परिवार का कहना है कि बादल से गलती हुई, लेकिन अब वह अपनी सजा काट चुका है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि जल्द से जल्द कूटनीतिक प्रयास कर बादल को वतन वापस लाया जाए।

 

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