मऊ
मऊ जनपद के में बेमौसम बारिश और तेज हवाओं से 12 दिन पहले धान की फसल को भारी नुकसान हुआ है। पूरी जानकारी के पढ़िए वाॅयस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

मऊ जनपद के में बेमौसम बारिश और तेज हवाओं से 12 दिन पहले धान की फसल को भारी नुकसान हुआ है। इससे प्रभावित किसानों ने रतनपुरा खंड विकास अधिकारी कार्यालय पहुंचकर जिलाधिकारी के नाम ज्ञापन सौंपा और तत्काल मुआवजे तथा जल निकासी की व्यवस्था की मांग की।
किसानों का आरोप है कि राजस्व कर्मी क्षतिग्रस्त फसल का सर्वे नहीं कर रहे हैं, जिससे उनमें भारी गुस्सा है। किसान राकेश सिंह ने कहा कि 18 गाँवों में धान की फसल पानी में सड़ रही है, साथ ही आलू, सरसों, मटर और मसूर की फसलें भी बर्बाद हो गई हैं।
मुख्य समस्या: किसानों ने सिंचाई विभाग की खड़िया ड्रेन में मखना गाँव के पास मछली पकड़ने के लिए बनाए गए अवैध बंधों को जलभराव का मुख्य कारण बताया है। इन बंधों के कारण गाढ़ा और इटौरा ताल के पानी का बहाव रुक गया है।
आगामी संकट: किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि इन अवैध बंधों को जल्द नहीं हटाया गया, तो रबी की फसल (गेहूं, सरसों आदि) की बुवाई संभव नहीं होगी और 18 गांवों के किसानों के सामने भुखमरी की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
ज्ञापन सौंपने वालों में निसार अहमद, अजय तिवारी, बृजेश सिंह सहित कई अन्य किसान मौजूद थे।
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— Voice of News 24 (@VOfnews24) November 12, 2025




















