महराजगंज :पूरे देश में धूमधाम से मनाया गया हरितालिका तीज का त्योहार, महिलाओं ने की अखंड सौभाग्य की कामना

महराजगंज

हरितालिका तीज का पावन पर्व मंगलवार को देशभर में, खासकर उत्तर प्रदेश में, पूरे श्रद्धा और प्रेम के साथ मनाया गया।पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट

हरितालिका तीज का पावन पर्व मंगलवार को देशभर में, खासकर उत्तर प्रदेश में, पूरे श्रद्धा और प्रेम के साथ मनाया गया। यह त्योहार भगवान शिव और माता पार्वती के पुनर्मिलन का प्रतीक माना जाता है। इस दिन सुहागिन महिलाओं ने अपने पति की लंबी आयु, स्वास्थ्य और सुखी वैवाहिक जीवन के लिए निर्जला व्रत रखा।

मंदिरों में उमड़ी भक्तों की भीड़

महराजगंज जनपद के ठूठीबारी और उसके आसपास के शिव मंदिरों में सुबह से ही व्रती महिलाओं की भीड़ उमड़ पड़ी। महिलाओं ने भगवान शिव और माता पार्वती की प्रतिमाओं को बेलपत्र, फूल, और अन्य पूजन सामग्री अर्पित कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। मंदिरों का नजारा ऐसा था मानो एक बार फिर से सावन का महीना लौट आया हो, जहां पूरा परिसर “जय शिव शंकर” और “जय मां पार्वती” के जयकारों से गूंज रहा था।

पूजा-अर्चना के बाद व्रती महिलाओं ने अपने से बड़े-बुजुर्गों का आशीर्वाद लिया। इस दौरान, महिलाओं ने सोलह श्रृंगार कर पारंपरिक तीज कथाएं भी सुनीं।

हरितालिका तीज का महत्व

हिंदू धर्म में हरितालिका तीज का विशेष महत्व है

अखंड सौभाग्य: इस दिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि के लिए व्रत रखती हैं, जो अखंड सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है।

पारंपरिक मान्यता: मान्यता है कि इस दिन माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए कठोर तपस्या की थी, जिसके बाद भगवान शिव ने उन्हें स्वीकार किया था। यह त्योहार इसी प्रेम और समर्पण का प्रतीक है।

सोलह श्रृंगार: इस दिन महिलाएं सोलह श्रृंगार कर पारंपरिक रूप से सजती हैं और व्रत-पूजा के बाद बड़े-बुजुर्गों का आशीर्वाद लेती हैं, जो पारिवारिक और सामाजिक संबंधों को मजबूत करता है।

 

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