राम की नगरी अयोध्या में वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने की तैयारी जोरों पर

Voice  Of News 24 

18 Oct 2024 22:24 AM

अयोध्या 

अयोध्या में भव्य दीपोत्सव की तैयारी जोरों शोरों पर चल रही है। इस बार ऑनलाइन दीपदान भी करने की भी खास इंतेजाम किया गया है। घर पर ही आयेगा प्रभु श्री राम के दरबार का प्रसाद। पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅयस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

रामनगरी अयोध्या में भव्य राम मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद 30 अक्टूबर को होने वाले पहले दीपोत्सव पर नया वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने की तैयारी है। रामनगरी से दूर बैठे रामलला के भक्तों को भी इस बार दीपोत्सव में शामिल होने का मौका मिलेगा। अयोध्या विकास प्राधिकरण ने एक दीया प्रभु श्रीराम के नाम योजना तैयार की है। इसके जरिए घर बैठे लोग भी दीपोत्सव में दीया जला सकेंगे।

वाॅयस ऑफ़ न्यूज 24 संवाददाता के मुताबिक रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद 30 अक्टूबर को होने वाले आठवें दीपोत्सव को भव्य बनाने में योगी सरकार कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती है। दीपोत्सव की तैयारियां जोरों से चल रही हैं। योगी सरकार ने दूर बैठे रामलला के भक्तों को इस आयोजन से जोड़ने की योजना बनायी है। अयोध्या विकास प्राधिकरण ने एक दीया प्रभु श्रीराम के नाम की योजना शुरू कर रहा है। इसमें लोग रामनगरी से बाहर रहकर भी ऑनलाइन दीया जला सकते हैं। इसके लिए एक लिंक भी शेयर किया गया है। इस लिंक से दीपोत्सव के लिए दीये की बुकिंग की का सकती है।

http://www.divyaayodhya.com/bookdiyaprashad

लिंक पर अपने नाम दीये की बुकिंग करने के बाद घर तक प्रसाद भेजा जाएगा। बता दें कि ऑनलाइन दीपदान की ये योजना पिछले साल शुरू की गयी थी, लेकिन अनुमान है कि इस बार बहुत बड़ी तादाद में लोग इसके जरिए अयोध्या दीपोत्सव से जुड़ेंगे। प्रसाद को तैयार करने की जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन को दी गयी है। इससे आजीविका मिशन से जुड़े लोगों को रोजगार मिलेगा, जिसमें बड़ी संख्या महिलाओं की है।

रामनगरी अयोध्या में होने वाले आठवें दीपोत्सव को अब तक का सबसे भव्य दीपोत्सव बनाने के लिए तैयारी जोरों पर है। सरयू घाट पर मार्किंग का कम शुरू हो गया है। इस बार 25 लाख दीये जलाकर रामनगरी नया विश्व रिकॉर्ड बनाने जा रही है। घाट पर 28 लाख दिये बिछाए जाएंगे।दीपोत्सव के संचालन के लिए 22 समितियों का गठन किया गया है। समन्वय समिति का गठन किया गया है, जिसमें अवध विश्वविद्यालय की कुलपति के अलावा अन्य सदस्य शामिल हैं। इसके अलावा कार्यक्रम को संभालने के लिए अनुशासन समिति, सुरक्षा समिति,सामग्री वितरण समिति, दीप गणना समिति, भोजन समिति, यातायात समिति, स्वच्छता समिति, फोटोग्राफी व मीडिया समिति, त्वरित कार्यवाही बल समिति, प्राथमिक चिकित्सा समिति, साजसज्जा/रंगोली समिति, पर्यवेक्षक समिति, अग्निशमन समिति, समग्र नियंत्रण एवं पर्यवेक्षण समिति, कार्यालय समिति, निविदा एवं क्रय समिति, वालंटियर एवं आईकार्ड समिति, इंस्टीटयूशनल कोआर्डिनेशन समिति, प्रशिक्षण समिति, सामग्री प्राप्ति/स्टोरेज/अवशेष समिति और घाट चिन्हांकन समिति बनाई गई है।

यदि सुरक्षा व्यवस्था की बात की जाए तो जमीन से लेकर आसमान तक विभिन्न उपकरणों की तैनाती की जायेगी। ये ऐतिहासिक दृश्य कैमरे में कैद करने की विशेष व्यवस्था की भी तैयारी जोरों पर चल रही है।

 

Maharajganj News