Voice of news 24
30 Jul 2023 15:14Pm
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) रविवार को सिंगापुर के सात उपग्रहों के सफलतापूर्वक प्रक्षेपण के बाद पीएसएलवी-सी56 रॉकेट में चौथे चरण का इस्तेमाल करके एक विशिष्ट प्रयोग करेगा।यह नया मिशन इस वर्ष अप्रैल में शुरू हुए पीएसएलवी-सी56 टेलोस-2 मिशन का ही विस्तार है।
वैज्ञानिक आज के इस मिशन में पीएसएलवी रॉकेट के चौथे चरण को निचली कक्षा में स्थापित करेंगे।इसरो ने एक बयान में कहा कि सिंगापुर के सभी उपग्रहों को 536 किलोमीटर की ऊंचाई पर निर्धारित कक्षाओं में स्थापित कराने के बाद, रॉकेट का ऊपरी चरण निचली कक्षा में स्थापित किया जाएगा, जिससे 300 किलोमीटर की ऊंचाई पर इसके घटे कक्षीय जीवन (रिड्यूस्ड ऑर्बिटल लाइफ) में इसकी सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
इसरो के अध्यक्ष एस सोमनाथ ने कहा, ‘‘हम इसके बाद (सफल प्रक्षेपण) पीएस4 चरण में और आकर्षक गतिविधियां करने जा रहे हैं। पीएसएलवी चौथा चरण में रॉकेट को 300 किलोमीटर की निचली कक्षा में वापस लाया जाएगा।’’
उन्होंने कहा कि पीएस4 चरण के तहत रॉकेट को निचली कक्षा में वापस लाए जाने के पीछे का कारण अंतरिक्ष में कचरे की समस्या को कम करना है।


















