जौनपुर

जौनपुर जनपद में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत ग्राम पंचायतों में काम कर रहीं स्वयं सहायता समूह की ‘समूह सखियों’ ने अपनी विभिन्न समस्याओं और लंबित मांगों को लेकर गुरुवार को कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया।पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज़ 24 की खास रिपोर्ट।

जौनपुर जनपद में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत ग्राम पंचायतों में काम कर रहीं स्वयं सहायता समूह की ‘समूह सखियों’ ने अपनी विभिन्न समस्याओं और लंबित मांगों को लेकर गुरुवार को कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। समूह सखी संघ की जिलाध्यक्ष पुष्पा सरोज के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी को संबोधित एक सात सूत्रीय मांग पत्र सौंपा। सखियों ने दो टूक चेतावनी दी है कि यदि 48 घंटे के भीतर उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो वे अनिश्चितकालीन धरने पर बैठने को बाध्य होंगी।
2,000 रुपये मानदेय नाकाफी, परिवार चलाना हुआ मुश्किल

ज्ञापन सौंपते हुए जिलाध्यक्ष पुष्पा सरोज ने कहा कि ग्राम पंचायतों में स्वयं सहायता समूहों के गठन, संचालन और वित्तीय गतिविधियों को धरातल पर उतारने की पूरी जिम्मेदारी समूह सखियां निभा रही हैं। इसके बावजूद उन्हें प्रतिमाह महज 2,000 रुपये मानदेय दिया जा रहा है। महंगाई के इस दौर में इस मामूली राशि से परिवार का भरण-पोषण तो दूर, फील्ड में आने-जाने का किराया और मोबाइल रिचार्ज का खर्च निकालना भी संभव नहीं हो पा रहा है।
समूह सखियों की 7 प्रमुख मांगें
मानदेय में वृद्धि: वर्तमान 2,000 रुपये मानदेय को बढ़ाकर न्यूनतम 15,000 रुपये प्रतिमाह किया जाए।
पद का स्थायीकरण: वर्षों से सेवा दे रहीं समूह सखियों के पद को स्थायी किया जाए।
डिजिटल उपकरण: डिजिटल रिपोर्टिंग और ऑनलाइन कार्यों के लिए प्रत्येक सखी को सरकारी टैबलेट उपलब्ध कराया जाए।
मुफ्त रिचार्ज व डेटा: कार्य संचालन के लिए मिलने वाले टैबलेट का मोबाइल/डेटा रिचार्ज पूरी तरह निशुल्क हो।
यात्रा भत्ता (TA): ग्राम पंचायतों और ब्लॉक स्तर पर आवागमन के लिए निर्धारित यात्रा भत्ता दिया जाए।
स्वास्थ्य व बीमा कवर: सभी सखियों को निशुल्क चिकित्सकीय सुविधा और कम से कम 5 लाख रुपये का दुर्घटना/जीवन बीमा कवर मिले।
पहचान पत्र व ड्रेस कोड: फील्ड में आधिकारिक पहचान और सुरक्षा के लिए परिचय पत्र और ड्रेस कोड निर्धारित किया जाए।
48 घंटे में समाधान न होने पर धरने की चेतावनी
समूह सखियों ने जिलाधिकारी से अनुरोध किया कि उनकी इन जायज मांगों को प्राथमिकता के आधार पर शासन स्तर तक भेजा जाए और शीघ्र समाधान कराया जाए। कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट किया कि यदि 48 घंटे के भीतर मांगों के संबंध में उचित कदम नहीं उठाए गए, तो जिले भर की समूह सखियां कामकाज ठप कर कलेक्ट्रेट परिसर में धरने पर बैठेंगी। इस दौरान उत्पन्न होने वाली किसी भी अप्रिय स्थिति की पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
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— Voice of News 24 (@VOfnews24) September 24, 2026













