बलिया

बलिया में धान की फसल में बालियां निकलने के समय किसानों को विशेष देखभाल और सही पोषण प्रबंधन की सलाह दी गई है। पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज़ 24 की खास रिपोर्ट।

बलिया में धान की फसल में बालियां निकलने के समय किसानों को विशेष देखभाल और सही पोषण प्रबंधन की सलाह दी गई है। कृषि विज्ञान केंद्र केवीके सोहांव के कृषि वैज्ञानिक डॉ. सोमेन्द्र सिंह ने बताया कि इस अवस्था में सही पोषण और पर्याप्त नमी मिलने से दाने मोटे, चमकदार व वजनदार बनते हैं, जिससे पैदावार में बढ़ोतरी होती है।
डॉ. सोमेन्द्र सिंह के अनुसार, इस समय फसल को फास्फोरस और पोटाश की सर्वाधिक आवश्यकता होती है। इसके लिए किसानों को प्रति एकड़ 1 किलोग्राम एनपीके 0:52:34 को 150 लीटर पानी में घोलकर छिड़काव करना चाहिए। मिट्टी में बोरॉन की कमी होने पर एनपीके के साथ प्रति एकड़ 100 से 150 ग्राम बोरॉन (20%) मिलाकर स्प्रे किया जा सकता है, जिससे बालियों में दानों का भराव बेहतर होता है।
वैज्ञानिकों ने खेत में पर्याप्त नमी बनाए रखने और जलजमाव से बचने की हिदायत दी है। नमी व तापमान में उतार-चढ़ाव से तना छेदक, पत्ती लपेटक और ब्लास्ट रोग का खतरा बढ़ जाता है। किसानों को फसल की नियमित निगरानी करने तथा कीट या रोग के लक्षण दिखने पर विशेषज्ञों की सलाह से ही कीटनाशक या फफूंदनाशक का प्रयोग करने को कहा गया है।
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— Voice of News 24 (@VOfnews24) September 15, 2026








