बुलंदशहर

बुलंदशहर जनपद के शिकारपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शिकारपुर एक बार फिर विवादों के घेरे में है। अस्पताल के डॉक्टरों पर मरीजों को बाहर से दवाएं लिखने और निजी पैथोलॉजी लैब से जांच कराने के लिए मजबूर करने के गंभीर आरोप लगे हैं।

बुलंदशहर जनपद के शिकारपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शिकारपुर एक बार फिर विवादों के घेरे में है। अस्पताल के डॉक्टरों पर मरीजों को बाहर से दवाएं लिखने और निजी पैथोलॉजी लैब से जांच कराने के लिए मजबूर करने के गंभीर आरोप लगे हैं। मामले से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है, जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है।
20 दिन में 15 हजार रुपये बाहर खर्च करने का दावा
स्थानीय लोगों का आरोप है कि सीएचसी में आने वाले मरीजों को अस्पताल परिसर में दवाएं उपलब्ध कराने के बजाय पास के ही निजी मेडिकल स्टोर और पैथोलॉजी लैब भेज दिया जाता है। एक पीड़ित मरीज ने दावा किया कि उसने महज 20 दिनों के भीतर करीब 15 हजार रुपये की दवाएं और जांच बाहर से कराई हैं।
शिकायत पर अभद्रता और धमकी का आरोप
ग्रामीणों का कहना है कि जब इस अव्यवस्था और बाहर की दवा लिखे जाने का विरोध किया जाता है या शिकायत की जाती है, तो कुछ चिकित्सकों द्वारा मरीजों के साथ अभद्र व्यवहार किया जाता है और उन्हें धमकाया भी जाता है। स्थानीय लोगों ने अस्पताल में डॉक्टरों की उपस्थिति, दवा वितरण प्रणाली और बाहर की जांच लिखे जाने के इस पूरे खेल की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
सीएमओ ने दिए जांच और कार्रवाई के निर्देश
मामला तूल पकड़ने के बाद एक स्थानीय समाजसेवी द्वारा बनाया गया वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस संबंध में जब मुख्य चिकित्सा अधिकारी बुलंदशहर सुनील कुमार दोहरे से बात की गई, तो उन्होंने बताया कि वायरल वीडियो मामला उनके संज्ञान में आ चुका है। वीडियो के आधार पर पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और जो भी डॉक्टर या कर्मचारी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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— Voice of News 24 (@VOfnews24) September 12, 2026













