जौनपुर

जौनपुर जनपद के शिक्षक की भूमिका और उसके व्यापक स्वरूप पर विचार साझा करते हुए जौनपुर के हिन्दी विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अंजना सिंह ने कहा कि शिक्षक का दायरा केवल ब्लैकबोर्ड और किताबों तक सीमित नहीं है। पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज़ 24 की खास रिपोर्ट।

जौनपुर जनपद के शिक्षक की भूमिका और उसके व्यापक स्वरूप पर विचार साझा करते हुए जौनपुर के हिन्दी विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अंजना सिंह ने कहा कि शिक्षक का दायरा केवल ब्लैकबोर्ड और किताबों तक सीमित नहीं है। शिक्षक विद्यार्थियों के व्यक्तित्व को आकार देने, उनके सपनों को दिशा देने और बेहतर नागरिक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
समर्पण और निष्ठा ही शिक्षक की असली ताकत
डॉ. अंजना सिंह ने कहा कि कर्म में जब समर्पण घुल जाता है तो वह साधना बन जाता है। एक सच्चा शिक्षक अपनी निजी परेशानियों को भूलकर बच्चों के सामने मुस्कुराते हुए खड़ा रहता है। सहमे हुए छात्र को ढांढस बंधाना और उसकी सफलता में खुद की जीत देखना ही शिक्षक का असली आत्मीय संबंध है।
विद्यार्थियों की सफलता ही जीवन की असली पूंजी
उन्होंने कहा कि जब पढ़ाए गए विद्यार्थी समाज में पहचान बनाते हैं, वही शिक्षक के परिश्रम की असली सार्थकता होती है। कबीरदास के दोहे का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि गुरु के गुणों का बखान शब्दों में संभव नहीं है। एक अच्छा शिक्षक केवल विद्यार्थी ही नहीं, बल्कि एक सशक्त राष्ट्र का निर्माण करता है।
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— Voice of News 24 (@VOfnews24) September 4, 2026






















