बागापार
महराजगंज जनपद के सदर तहसील क्षेत्र के बागापार स्थित साधन सहकारी समिति की भूमि को लेकर एक बार फिर विवाद गहराता नजर आ रहा है।
पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज़ 24 की खास रिपोर्ट।

महराजगंज जनपद के सदर तहसील क्षेत्र के बागापार स्थित साधन सहकारी समिति की भूमि को लेकर एक बार फिर विवाद गहराता नजर आ रहा है। जिलाधिकारी के स्पष्ट निर्देशों के बाद भी राजस्व अभिलेखों में दर्ज पुलिस चौकी का नाम हटाकर पुनः समिति के नाम दर्ज न किए जाने से स्थानीय किसानों और ग्रामीणों में गहरा असंतोष है। इस मामले को लेकर ग्रामीणों ने एक बार फिर जिलाधिकारी का दरवाजा खटखटाया है।
बागापार निवासी समाजसेवी विजय सिंह संत एवं रामराज चौरसिया के नेतृत्व में ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र सौंपकर पूरे मामले से अवगत कराया।
भूमि विवरण: ग्राम पंचायत बागापार स्थित आराजी संख्या 1942 (रकबा 0.089 हेक्टेयर) पर पिछले लगभग 40 वर्षों से साधन सहकारी समिति का संचालन हो रहा है।
किसानों के लिए महत्व: इस समिति से न्याय पंचायत बागापार के सैकड़ों किसानों को समय पर खाद, बीज और कृषि संबंधी सुविधाएं मिलती हैं। साथ ही, धान और गेहूं की सरकारी खरीद के लिए यहाँ क्रय केंद्र भी स्थापित किया जाता है।
विवाद की शुरुआत: वर्ष 2023 में जब समिति परिसर में पुलिस चौकी का बोर्ड लगा, तब ग्रामीणों को पता चला कि तत्कालीन ग्राम प्रधान द्वारा 6 दिसंबर 2020 को पारित एक प्रस्ताव के आधार पर समिति की 0.032 हेक्टेयर भूमि अभिलेखों में पुलिस चौकी के नाम दर्ज कर दी गई है।
ग्रामीणों ने बताया कि इससे पहले 19 अक्टूबर 2023 को भी इस समस्या को लेकर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया था। उस समय जिलाधिकारी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए उपजिलाधिकारी सदर को निर्देश दिए थे कि समिति परिसर की भूमि से पुलिस चौकी का नाम निरस्त कर पुनः साधन सहकारी समिति का नाम दर्ज किया जाए।
पुलिस चौकी के निर्माण के लिए ग्राम सभा में किसी अन्य स्थान पर भूमि आवंटित की जाए।
ग्रामीणों का आरोप है कि जिलाधिकारी के स्पष्ट आदेश के बावजूद संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों ने अब तक अभिलेखों में कोई संशोधन नहीं किया, जिससे स्थिति जस की तस बनी हुई है।
किसानों की मुख्य चिंता और मांग
किसानों का कहना है कि यदि समिति के इसी परिसर में पुलिस चौकी का निर्माण कराया जाता है, तो जगह की कमी के कारण खाद-बीज का वितरण और सरकारी खरीद प्रक्रिया पूरी तरह से बाधित हो जाएगी। इससे पूरे न्याय पंचायत के किसानों को भारी समस्याओं का सामना करना पड़ेगा।
ग्रामीणों और किसानों ने जिलाधिकारी से पुनः हस्तक्षेप करने की गुहार लगाते हुए मांग की है कि आदेश का पालन कराते हुए समिति की भूमि से पुलिस चौकी का नाम तत्काल हटाया जाए और पुलिस चौकी के निर्माण के लिए गांव में कहीं और भूमि उपलब्ध कराई जाए।
पहले सवाल मेरा हथियार था,अब सॉल्यूशन मेरी ज़िम्मेदारी pic.twitter.com/i9apbtGKA0
— Voice of News 24 (@VOfnews24) July 31, 2026













