बलिया
बलिया जनपद में संभावित बाढ़ की विभीषिका से निपटने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट मोड पर आ गया है।पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज़ 24 की खास रिपोर्ट।

बलिया जनपद में संभावित बाढ़ की विभीषिका से निपटने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट मोड पर आ गया है। सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। गंगा और घाघरा नदियों के बढ़ते जलस्तर की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों को समयबद्ध कार्ययोजना तैयार कर तत्काल प्रस्तुत करने के सख्त निर्देश दिए।
विभागों को मिले प्रमुख निर्देश
स्वास्थ्य विभाग (142 रेड जोन गांव)
मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) को जिले के 142 रेड जोन गांवों में मेडिकल कैंप स्थापित करने, स्वास्थ्य कर्मियों की ड्यूटी लगाने, एम्बुलेंस की तैनाती और दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। गर्भवती महिलाओं और संवेदनशील लोगों का विवरण तैयार कर विशेष कार्ययोजना बनाने को कहा गया है।
शिक्षा विभाग (123 प्रभावित स्कूल)
बेसिक शिक्षा अधिकारी को बाढ़ से प्रभावित होने वाले 123 विद्यालयों के लिए विशेष योजना बनाने, शिक्षकों का व्हाट्सएप ग्रुप बनाने तथा विभागीय कंट्रोल रूम स्थापित कर निरंतर सूचना आदान-प्रदान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को पशुओं के सुरक्षित ठहराव, चारे, टीकाकरण की व्यवस्था के निर्देश दिए गए। वहीं, जिला पंचायती राज अधिकारी (DPRO) को बाढ़ के दौरान और बाद में सभी ग्राम पंचायतों में व्यापक साफ-सफाई अभियान चलाने की योजना बनाने को कहा गया।
जिला पूर्ति अधिकारी को संभावित बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए अतिरिक्त मिट्टी के तेल की मांग शासन को भेजने और सभी कोटेदारों को अगस्त माह का राशन प्रथम सप्ताह में ही वितरित कराने का कड़ा निर्देश दिया गया।
बिजली, सड़क व जल निगम
विद्युत विभाग: रेड जोन के 142 गांवों में जलमग्न होने वाले बिजली के खंभों और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम प्रस्तुत करेगा।
लोक निर्माण विभाग (PWD): क्षतिग्रस्त सड़कों के संरक्षण और वैकल्पिक मार्गों की योजना बनाएगा।
सिंचाई विभाग: जिले का सामान्य और बाढ़ प्रभावित गांवों का तहसीलवार मानचित्र तैयार करेगा।
जल निगम: शुद्ध पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करेगा।
जिलाधिकारी ने सभी खंड विकास अधिकारियों को प्रतिदिन बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का भ्रमण करने के निर्देश दिए। उन्होंने दोटूक शब्दों में कहा कि बाढ़ से निपटने की तैयारियों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी विभाग आपसी समन्वय और पूरी सतर्कता के साथ कार्य करें।
इस बैठक में मुख्य विकास अधिकारी आलोक कुमार, अपर जिलाधिकारी अनिल कुमार, मुख्य राजस्व अधिकारी गुलशन जी, सिटी मजिस्ट्रेट आसाराम वर्मा, सीएमओ डॉ. अभय कुमार राय सहित जिला स्तरीय अधिकारीगण एवं विभागाध्यक्ष उपस्थित रहे।
बुलंदशहर जनपद के छतारी क्षेत्र के ग्राम लालगढ़ी में पिछले कई दिनों से दहशत का कारण बना मगरमच्छ आखिरकार वन विभाग के बिछाए जाल में फंस गया। सोमवार रात वन विभाग की टीम द्वारा लगाए गए बड़े पिंजरे में मगरमच्छ के कैद होते ही ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। pic.twitter.com/b3sE9VR6FG
— Voice of News 24 (@VOfnews24) July 28, 2026












