बागपत
जनपद बागपत के बड़ौत तहसील क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत बोढा में विकास कार्यों को लेकर चल रहा विवाद अब प्रशासनिक जांच के दायरे में आ गया है। पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज़ 24 की खास रिपोर्ट।

जनपद बागपत के बड़ौत तहसील क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत बोढा में विकास कार्यों को लेकर चल रहा विवाद अब प्रशासनिक जांच के दायरे में आ गया है। ग्राम प्रधान मौसम रानी द्वारा गांव में कराए गए विभिन्न विकास कार्यों की हकीकत जानने के लिए आज जिला स्तरीय अधिकारियों की टीम ने गांव का औचक निरीक्षण किया। इस जांच पड़ताल के दौरान ग्राम प्रधान द्वारा कराए गए अधिकतम विकास कार्यों में अधिकारियों को कोई बड़ी खामी या गड़बड़ी नहीं मिली है।
15 दिन पहले सचिवालय में हुआ था कुर्सियां चलने का ड्रामा
आपको बता दें कि करीब 15 दिन पहले बोढा ग्राम पंचायत सचिवालय में विकास कार्यों की समीक्षा और बैठकों के दौरान ग्रामीणों और प्रधान प्रतिनिधियों के बीच तीखी बहस हो गई थी। देखते ही देखते बात इतनी बढ़ गई कि दोनों पक्षों में जमकर ‘तू-तू मैं-मैं’ और गाली-गलौज हुई, जिसके बाद वहां मौजूद लोगों ने एक-दूसरे पर कुर्सियां तक फेंक दी थीं। इस हाईवोल्टेज ड्रामे के बाद से ही गांव में विकास कार्यों की गुणवत्ता और पारदर्शिता को लेकर विवाद गहराया हुआ था, जिसकी उच्च स्तरीय जांच गतिमान है।
जल विभाग और गन्ना अधिकारियों ने की जांच, ग्रामीण दिखे संतुष्ट
इसी जांच के क्रम में आज जल विभाग के अभियंताओं और गन्ना विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की संयुक्त टीम ने बोढा गांव का रुख किया। अधिकारियों ने मौके पर जाकर एक-एक विकास कार्य की भौतिक समीक्षा की। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण भी मौके पर जमा हो गए। ग्रामीणों ने अधिकारियों के सामने खुलकर अपनी बात रखी और ग्राम प्रधान द्वारा कराए गए विकास कार्यों को सही और संतोषजनक बताया।
राजनीति के तहत विकास कार्यों में बाधा पहुंचा रहे हैं दबंग: ग्राम प्रधान
पूरे मामले को लेकर बोढा ग्राम प्रधान मौसम रानी ने अपना पक्ष रखते हुए कहा, “गांव के ही कुछ दबंग और चुनावी रंजिश रखने वाले लोग जानबूझकर गांव के विकास कार्यों में अड़ंगा लगा रहे हैं और माहौल खराब कर रहे हैं। जबकि हमारे द्वारा कराए जा रहे सभी कार्यों से गांव की आम जनता पूरी तरह संतुष्ट है।” प्रधान ने आगे कहा कि उन्होंने खुद उच्चाधिकारियों से निष्पक्ष जांच कराने की मांग की थी, जिसके तहत आज यह जांच हुई और हमारे सभी कार्य मानक के अनुसार सही पाए गए हैं।
बाधा डालने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग
जांच के बाद ग्राम वासियों ने एक बैठक का आयोजन किया। ग्रामीणों का कहना था कि गांव की स्थानीय राजनीति और आपसी गुटबाजी के कारण जानबूझकर विकास कार्यों को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और उच्चाधिकारियों से मांग की है कि गांव के विकास में बेवजह रोड़ा अटकाने वाले और शांति व्यवस्था भंग करने वाले दबंग तत्वों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाए।
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— Voice of News 24 (@VOfnews24) July 20, 2026













