बुलंदशहर
बुलंदशहर जनपद के डिबाई विधानसभा क्षेत्र के थाना नरौरा प्रांगण में रविवार को राजघाट के जांबाज गोताखोरों के लिए एक विशेष सम्मान समारोह का आयोजन किया गया।

गंगा नदी में अपनी जान जोखिम में डालकर डूबने वाले श्रद्धालुओं और नागरिकों की रक्षा करने वाले करीब 15 गोताखोरों को पुलिस व जनप्रतिनिधियों द्वारा पुरस्कृत कर सम्मानित किया गया।
15 दिन पहले रेलवे पुल से कूदे वृद्ध को बचाया था
यह सम्मान समारोह मुख्य रूप से करीब 15 दिन पहले घटी एक साहसिक घटना को लेकर आयोजित किया गया था। दरअसल, दो सप्ताह पूर्व एक वृद्ध व्यक्ति ने राजघाट स्थित रेलवे पुल से गंगा नदी में कूदकर आत्महत्या करने का प्रयास किया था। घटना की भनक लगते ही वहां मौजूद तीन स्थानीय गोताखोरों—योगेश कुमार, कपिल शर्मा और कमल ने बिना एक पल गंवाए उफनती गंगा में छलांग लगा दी थी और बेहद सूझबूझ व कड़ी मशक्कत के बाद वृद्ध को पानी से सकुशल बाहर निकाल लिया था। पुलिस ने इन तीनों युवकों की बहादुरी की जमकर सराहना करते हुए इन्हें विशेष श्रेणी में सम्मानित किया।
शर्ट, टॉर्च और नकद पुरस्कार का हुआ वितरण
समारोह के दौरान नरौरा थाना प्रभारी भुवनेश कुमार और चेयरमैन प्रतिनिधि किताब सिंह यादव ने संयुक्त रूप से राजघाट के लगभग 15 सक्रिय गोताखोरों को प्रोत्साहन के रूप में शर्ट, सुरक्षा टॉर्च और नकद पुरस्कार भेंट किए।
थाना प्रभारी का वक्तव्य: थाना प्रभारी भुवनेश कुमार ने गोताखोरों का आभार जताते हुए कहा, “गोताखोर नि:स्वार्थ भाव से समाजसेवा का एक अनुकरणीय उदाहरण पेश कर रहे हैं, जो हर साल सैकड़ों अनमोल जिंदगियां बचाते हैं। उत्तर प्रदेश पुलिस सदैव उनके साथ खड़ी है और उनकी सुरक्षा व आवश्यक सुविधाओं के लिए हर संभव मदद की जाएगी।”
वहीं, राजघाट के ग्राम प्रधान ओमवीर सिंह ने भी गोताखोरों के अदम्य साहस की सराहना करते हुए कहा कि धार्मिक नगरी और राजघाट आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा में इन गोताखोरों की भूमिका सबसे अहम और सराहनीय है।
गरिमापूर्ण रही उपस्थिति
इस गौरव मयी कार्यक्रम में मुख्य रूप से राजघाट चौकी प्रभारी उमाशंकर भारद्वाज, सत्यवीर सिंह, सुन्दर निषाद सहित क्षेत्र के तमाम गणमान्य लोग और भारी संख्या में पुलिसकर्मी उपस्थित रहे।












