बुलंदशहर
बुलंदशहर जनपद के जहांगीराबाद कोतवाली क्षेत्र के गांव भिरौली में रविवार सुबह चारा काटते समय हुए हादसे ने पूरे गांव को झकझोर दिया।

बिजली से चलने वाली चारा मशीन में फंसने से 52 वर्षीय विजेंद्री देवी पत्नी रणवीर की मौके पर ही मौत हो गई। इस हादसे में एक मां का साया छिन जाने से 5 बच्चे अनाथ हो गए।
जानकारी के मुताबिक विजेंद्री देवी सुबह खेत से हरा चारा लेकर घर आईं और रोज की तरह मशीन से चारा काटने लगीं। अचानक एक हाथ मशीन में फंस गया। घबराहट में दूसरा हाथ निकालने के प्रयास में वह भी मशीन में चला गया। दोनों हाथ कोहनी के नीचे से कट गए। चीख सुनकर ग्रामीण दौड़े और मशीन बंद कर उन्हें बाहर निकाला।
गंभीर हालत में पहले स्थानीय डॉक्टर के पास ले जाया गया, फिर कल्याण सिंह राजकीय मेडिकल कॉलेज से संबद्ध अस्पताल रेफर किया गया। डॉक्टरों ने बहुत कोशिश की, पर ज्यादा खून बह जाने से उन्हें बचाया नहीं जा सका।
सूचना पर पुलिस पहुंची। परिजनों ने पोस्टमार्टम से इनकार कर दिया। शाम को गांव में मातमी माहौल के बीच अंतिम संस्कार किया गया। विजेंद्री अपने पीछे पति रणवीर और बच्चों रूबी, काजल, अंकित, अंकुश, शालू को छोड़ गई हैं।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि चारा मशीनों के सुरक्षित इस्तेमाल को लेकर गांव-गांव जागरूकता अभियान चलाया जाए, जिससे आगे कोई और परिवार इस दर्द से न गुजरे।













