सिद्धार्थनगर
सिद्धार्थनगर जनपद में भीषण गर्मी के इस मौसम में दूध और दुग्ध उत्पादों (डेयरी प्रोडक्ट्स) की बढ़ती मांग के बीच मिलावटखोरी की आशंकाओं को देखते हुए सिद्धार्थनगर जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है।पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

सिद्धार्थनगर जनपद में भीषण गर्मी के इस मौसम में दूध और दुग्ध उत्पादों (डेयरी प्रोडक्ट्स) की बढ़ती मांग के बीच मिलावटखोरी की आशंकाओं को देखते हुए सिद्धार्थनगर जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन उत्तर प्रदेश तथा जिलाधिकारी सिद्धार्थनगर के कड़े दिशा-निर्देशों के अनुपालन में शुक्रवार को जिले के विभिन्न बाजारों में एक विशेष जांच व छापेमारी अभियान चलाया गया। सहायक आयुक्त द्वितीय के नेतृत्व में गठित सचल दल ने ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए दूध, दही और पनीर के कुल छह संदिग्ध नमूने संग्रहित कर उन्हें सीलबंद जांच के लिए राजकीय प्रयोगशाला भेजा है। खाद्य विभाग की इस अचानक हुई कार्रवाई से जिले के डेयरी संचालकों और मिलावटखोरों में दिनभर हड़कंप मचा रहा।
बांसी, गोनहाताल और तेतरी बाजार सहित कई क्षेत्रों में छापेमारी
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सहायक आयुक्त (खाद्य) द्वितीय आर.एल. यादव के नेतृत्व में गठित मुख्य सचल दल ने शुक्रवार सुबह से ही जिले के विभिन्न प्रमुख बाजारों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर सघन चेकिंग अभियान शुरू किया।
टीम ने सबसे पहले बांसी बाजार के एक बड़े प्रतिष्ठान से पनीर का एक संदिग्ध नमूना लिया।
इसके बाद टीम ने गोनहाताल क्षेत्र में दबिश देकर वहाँ से दूध और दही के एक-एक नमूने संग्रहित किए।
जांच का दायरा बढ़ाते हुए टीम जोगिया विकास क्षेत्र के नादेपार पहुंची, जहाँ से दूध का एक नमूना भरा गया।
अंत में सचल दल ने नौगढ़ तहसील के तेतरी बाजार में छापेमारी कर दूध और दही के एक-एक नमूने को अपनी कस्टडी में लेकर सील किया।
लेबोरेटरी रिपोर्ट के आधार पर दर्ज होगा मुकदमा; सेहत से खिलवाड़ पर जेल
सहायक आयुक्त आर.एल. यादव ने बताया कि निर्धारित विधिक प्रक्रिया के तहत सभी छह नमूनों को पूरी तरह सीलबंद कर तत्काल लखनऊ स्थित राजकीय प्रयोगशाला भेज दिया गया है। प्रयोगशाला से आधिकारिक रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद यह स्पष्ट होगा कि ये उत्पाद मानव स्वास्थ्य के मानकों के अनुरूप हैं या इनमें केमिकल/डिटर्जेंट की मिलावट की गई है।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि किसी भी नमूने की गुणवत्ता मानकों से कम या मिलावटी पाई जाती है, तो संबंधित विक्रेता, डेयरी संचालक या कारोबारी के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम-2006 (FSSA) की सुसंगत और गैर-जमानती धाराओं के तहत कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
अभियान रहेगा जारी; आमजन से सूचना देने की अपील
विभागीय अधिकारियों ने साफ किया है कि उपभोक्ताओं और विशेषकर बच्चों व बुजुर्गों के स्वास्थ्य के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बाजार में शुद्ध खाद्य पदार्थों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए दूध, दही, पनीर, घी और खोवा की यह नियमित जांच आगे भी लगातार जारी रहेगी।
शुक्रवार को संचालित हुए इस बड़े छापेमारी अभियान के दौरान सहायक आयुक्त (खाद्य) द्वितीय आर.एल. यादव के साथ मुख्य रूप से खाद्य सुरक्षा अधिकारी हीरा लाल एवं नीरज कुमार चौधरी मुस्तैद रहे। विभाग ने आम जनता से भी यह अपील की है कि यदि उन्हें अपने आस-पास किसी भी डेयरी या दुकान पर सिंथेटिक दूध या मिलावटी मावा-पनीर बनाने या बेचने की भनक लगे, तो उसकी गोपनीय सूचना तत्काल खाद्य विभाग को दें, ताकि दोषियों को सलाखों के पीछे भेजा जा सके।
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