बलरामपुर: अहिरौला हत्याकांड का एक और शातिर आरोपी गिरफ्तार; भागने की कोशिश में पैर चोटिल, अस्पताल में भर्ती

बलरामपुर

बलरामपुर जनपद के गैंडास बुजुर्ग और उतरौला थाना क्षेत्र के सीमावर्ती इलाके में हुए चर्चित हत्याकांड और जानलेवा हमले के मामले में पुलिस को एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है।पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

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बलरामपुर जनपद के गैंडास बुजुर्ग और उतरौला थाना क्षेत्र के सीमावर्ती इलाके में हुए चर्चित हत्याकांड और जानलेवा हमले के मामले में पुलिस को एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस अधीक्षक विकास कुमार के निर्देश पर चलाए जा रहे धरपकड़ अभियान के तहत गैंडास बुजुर्ग पुलिस ने मुखबिर की सटीक सूचना पर घेराबंदी कर हत्या के वांछित आरोपी वाजिद को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के दौरान आरोपी ने पुलिस को चकमा देकर भागने का प्रयास किया, जिससे वह गिरकर चोटिल हो गया। फिलहाल भारी सुरक्षा के बीच जिला चिकित्सालय में उसका इलाज चल रहा है।

बाइक से घूमने का विरोध करने पर शुरू हुआ था खूनी खेल

इस सनसनीखेज वारदात की शुरुआत बीते 26 मई की रात को हुई थी। ग्राम अहिरौला निवासी राजू मौर्या ने गांव में ही बिना किसी कारण के बाइक से हुड़दंग मचाते हुए घूम रहे मोहम्मद आसिफ खान का विरोध किया था। उस वक्त आसिफ देख लेने की धमकी देते हुए वहां से चला गया।

अगली सुबह जब राजू मौर्या पिपरा चौराहे पर चाय पीने जा रहे थे, तभी मोहम्मद आसिफ खान, वाजिद और उनके अन्य साथियों ने रास्ते में घेरकर लाठी-डंडों से उन पर जानलेवा हमला बोल दिया।

बीच-बचाव करने आए पूरे परिवार को बेरहमी से पीटा, इलाज के दौरान मौत

राजू मौर्या को पिटता देख जब उनके साथी संतोष यादव और परिवार के अन्य सदस्य हीरालाल, मीना देवी, धनराज, सोहन लाल और आकाश दौड़कर मौके पर पहुंचे, तो दबंगों ने उन सभी को घेर लिया। आरोपियों ने पूरे परिवार को लाठी-डंडों से दौड़ा-दौड़ाकर पीटा, जिससे माता मीना देवी और भतीजा धनराज मौर्य को अत्यंत गंभीर चोटें आईं। इस हिंसक हमले में बाद में मौत हो जाने के कारण मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) यानी हत्या की धारा बढ़ाई गई थी।

भागने की कोशिश में चोटिल हुआ आरोपी, 6 पहले ही जा चुके हैं जेल

अपर पुलिस अधीक्षक विशाल पाण्डेय और क्षेत्राधिकारी उतरौला राघवेंद्र सिंह के पर्यवेक्षण में थानाध्यक्ष राजीव कुमार मिश्र की टीम ने मुखबिर की सूचना पर बुधवार (3 जून 2026) को ग्राम पिपराराम के पास घेराबंदी की। पुलिस को देखकर वांछित आरोपी वाजिद पुत्र आबिद ने दौड़कर भागने का प्रयास किया, लेकिन मुस्तैद पुलिसकर्मियों ने उसे दबोच लिया। भागने के चक्कर में आरोपी के पैर में गंभीर चोटें आई हैं।

पुलिस के मुताबिक, इस मामले में मुख्य आरोपी मोहम्मद आसिफ सहित 06 अभियुक्तों को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। वाजिद इस वारदात में शामिल सातवां मुख्य आरोपी है।

इन धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा

पुलिस ने आरोपी वाजिद के खिलाफ पूर्व में दर्ज मुकदमे में तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर धारा 109, 191(2), 126(2), 115(2), 351(3), 352, 3(5) और 103(1) (हत्या) बी.एन.एस. के तहत विधिक कार्रवाई करते हुए उसे माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

इस शातिर अपराधी को दबोचने में थानाध्यक्ष राजीव कुमार मिश्र, उ0नि0 राहुल कुमार यादव, उ0नि0 वीरेन्द्र शुक्ल, हे0का0 उपेन्द्रनाथ शुक्ला, हे0का0 विकास मिश्रा, हे0का0 विनोद त्रिपाठी, हे0का0 विनय मौर्या और कांसटेबल बलजीत यादव की मुख्य भूमिका रही।

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