निघासन
लखीमपुर खीरी जनपद के तहसील क्षेत्र के निघासन में एक दर्दनाक अग्निकांड ने कई परिवारों की जीवन भर की जमा-पूंजी को चंद लम्हों में राख कर दिया। पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

लखीमपुर खीरी जनपद के तहसील क्षेत्र के निघासन में एक दर्दनाक अग्निकांड ने कई परिवारों की जीवन भर की जमा-पूंजी को चंद लम्हों में राख कर दिया। आग की लपटों ने न सिर्फ घर जलाए, बल्कि दो परिवारों के सपनों को भी गहरा जख्म दिया है। विडंबना यह है कि घटना के 48 घंटे बीत जाने के बाद भी शासन-प्रशासन का कोई नुमाइंदा पीड़ितों के आंसू पोंछने नहीं पहुँचा है।
सब कुछ जलकर हुआ राख: पीड़ितों की आपबीती
आग लगने के स्पष्ट कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है, लेकिन तबाही का मंजर डराने वाला है। घर के मलबे में मिले 20-20 रुपये के नोटों के अधजले टुकड़े पीड़ितों की आर्थिक बर्बादी की गवाही दे रहे हैं।
: बहादुर के घर में रखा लड़की की शादी का सामान, दो साइकिल, एक इंजन, 40 किलो पानी का पाइप और ₹50,000 नगद जलकर खाक हो गए। एक पिता द्वारा अपनी बेटी के हाथ पीले करने के लिए जुटाया गया एक-एक सामान अब राख का ढेर बन चुका है।
सोबरन लाल का नुकसान: सोबरन लाल की परचून की दुकान में रखा सारा सामान और ₹12,000 नगद जल गए। साथ ही एक इंजन और अन्य सामग्री मिलाकर कुल लगभग 1 लाख रुपये का भारी नुकसान हुआ है।
पीड़ित परिवारों का आरोप है कि इस आपदा के 48 घंटे बीत जाने के बाद भी स्थानीय प्रशासन ने उनकी सुध नहीं ली है। हैरानी की बात यह है कि क्षेत्रीय ग्राम प्रधान पिंटू भी अब तक सांत्वना देने मौके पर नहीं पहुँचे हैं। खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर ये परिवार अब सरकार से मदद की गुहार लगा रहे हैं।
पीड़ितों ने पुरजोर मांग की है कि प्रशासन तत्काल नुकसान का सर्वे कराकर उन्हें उचित आर्थिक सहायता प्रदान करे। सवाल यह उठता है कि क्या जिम्मेदार अधिकारी इस घटना का संज्ञान लेंगे? क्या संकट की इस घड़ी में ग्राम प्रधान और तहसील प्रशासन अपनी जिम्मेदारी निभाएंगे या पीड़ित परिवार ऐसे ही सरकारी अनदेखी का शिकार होते रहेंगे
महराजगंज: एसपी शक्ति मोहन अवस्थी ने थाना कोतवाली फरेन्दा का किया गया आकस्मिक निरीक्षण , लापरवाही पर दरोगा निलंबितhttps://t.co/9ROThSCks0
— Voice of News 24 (@VOfnews24) April 13, 2026























