बुलंदशहर: गंगा को प्लास्टिक मुक्त बनाने की अनूठी पहल, ‘जलज परियोजना’ के तहत गांवों और घाटों पर जागरूकता अभियान

नरौरा

बुलंदशहर गंगा नदी की अविरलता और निर्मलता को अक्षुण्ण बनाए रखने के लिए बुलंदशहर के डिबाई क्षेत्र स्थित नरौरा में एक विशेष मुहिम चलाई जा रही है।पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

बुलंदशहर गंगा नदी की अविरलता और निर्मलता को अक्षुण्ण बनाए रखने के लिए बुलंदशहर के डिबाई क्षेत्र स्थित नरौरा में एक विशेष मुहिम चलाई जा रही है। भारतीय वन्य जीव संस्थान की ‘जलज परियोजना’ के तहत गंगा प्रहरी टीम द्वारा गांधी गंगा घाट और आसपास के ग्रामीण इलाकों में लोगों को प्लास्टिक के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया जा रहा है।

इस अभियान के तहत गंगा घाटों पर आने वाले श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों को ‘जलज प्रदर्शनी’ के माध्यम से शिक्षित किया जा रहा है। गंगा प्रहरियों द्वारा श्रद्धालुओं को सलाह दी जा रही है कि वे गंगा स्नान और पूजा-अर्चना के दौरान प्लास्टिक की थैलियों या अन्य वस्तुओं का प्रयोग बिल्कुल न करें। इसकी जगह केवल प्राकृतिक और पर्यावरण अनुकूल सामग्रियों का ही उपयोग करें।

अभियान का नेतृत्व कर रहे गंगा प्रहरी निखिल कुमार ने ग्रामीणों और तीर्थयात्रियों को संबोधित करते हुए कहा कि गंगा केवल हमारी आस्था का केंद्र नहीं है, बल्कि यह करोड़ों लोगों की जीवनरेखा भी है। इसकी स्वच्छता बनाए रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। टीम गांवों में घर-घर जाकर लोगों को नदी प्रदूषण से होने वाले खतरों और उसे रोकने के उपायों के बारे में प्रेरित कर रही है।

गंगा को अविरल और निर्मल बनाने के इस मिशन में गंगा प्रहरियों की एक पूरी टीम दिन-रात जुटी हुई है। इस टीम में मुख्य रूप से शामिल सदस्य निखिल कुमार,कृष्ण कुमार,आशू यादव,लोकेश केवट,लोकेश माथुर,राहुल रावल

इन प्रहरियों का उद्देश्य नरौरा और आसपास के क्षेत्रों में प्लास्टिक के उपयोग को न्यूनतम स्तर पर लाना है ताकि गंगा की पारिस्थितिकी और उसमें रहने वाले जलीय जीवों को सुरक्षित रखा जा सके।

 

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