सिद्धार्थनगर: 4 करोड़ की ठगी मामले में बड़ी सफलता, गैंगस्टर एक्ट में वांछित महिला गिरफ्तार

इटवा

सिद्धार्थनगर जनपद के इटवा थाना क्षेत्र में सैकड़ों किसानों से लगभग 4 करोड़ रुपये की ठगी और अनाज गबन के चर्चित मामले में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है।पूरी जानकारी के पढ़िए वाॅयस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

सिद्धार्थनगर जनपद के इटवा थाना क्षेत्र में सैकड़ों किसानों से लगभग 4 करोड़ रुपये की ठगी और अनाज गबन के चर्चित मामले में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। लंबे समय से फरार चल रही मुख्य महिला अभियुक्ता को शुक्रवार, 3 अप्रैल को पुलिस और एंटी थेफ्ट टीम की संयुक्त घेराबंदी में गिरफ्तार कर लिया गया।

प्रभारी निरीक्षक संजय कुमार मिश्र के नेतृत्व में इटवा थाना पुलिस और जिला एंटी थेफ्ट टीम ने सटीक सूचना के आधार पर वार्ड नंबर-8, गुरु गोविंद सिंह नगर (इटवा) स्थित आवास पर दबिश दी। यहाँ से पुलिस ने आरती जायसवाल (39 वर्ष) को गिरफ्तार किया। आरोपी महिला काफी समय से गिरफ्तारी से बचने के लिए ठिकाने बदल रही थी।

पुलिस जांच के अनुसार, वर्ष 2024 में एक संगठित गिरोह ने सिद्धार्थनगर और पड़ोसी जनपद बलरामपुर के किसानों को अपना निशाना बनाया था। गिरोह के सदस्यों ने सुनियोजित तरीके से किसानों से भारी मात्रा में अनाज उधार लिया और उसका भुगतान करने के बजाय फरार हो गए। इस गबन से किसानों को लगभग 4 करोड़ रुपये की भारी आर्थिक क्षति हुई, जिससे क्षेत्र में काफी रोष व्याप्त था।

इस गिरोह की आपराधिक सक्रियता को देखते हुए पुलिस ने पहले ही कड़ा रुख अख्तियार कर रखा था। मामले में तीन अन्य अभियुक्तों—सिद्धार्थ जायसवाल, कैलाश जायसवाल और सन्नो देवी को पहले ही जेल भेजा जा चुका है।

इटवा थाने में धारा 406, 120बी (IPC) और कठेला समय माता थाने में धारा 406 के तहत मुकदमे दर्ज हैं।
आरती जायसवाल की गिरफ्तारी के बाद उसे गैंगस्टर एक्ट के तहत न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से उसे जेल भेज दिया गया है।

किसानों के हक की इस लड़ाई में पुलिस की इस कार्रवाई को बड़ी जीत माना जा रहा है। थाना प्रभारी ने बताया कि संगठित अपराध और धोखाधड़ी करने वालों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा। इस गिरफ्तारी से पीड़ित किसानों ने राहत की सांस ली है और अब उन्हें अपने बकाया भुगतान की उम्मीद जगी है।

 

 

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